MP News: 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश मामले में मोस्ट वांटेड सौरभ शर्मा गिरफ्तार, 41 दिन बाद मिली सफलता
Saurabh Sharma News: मध्य प्रदेश में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश बरामद होने के मामले में मोस्ट वांटेड आरोपी सौरभ शर्मा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। वह करीब 41 दिन से फरार था, लेकिन मंगलवार को उसकी तलाश खत्म हो गई जब वह सुबह 11 बजे लोकायुक्त ऑफिस पहुंचा और वहां पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस गिरफ्तारी के साथ ही लोकायुक्त पुलिस, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई जैसी प्रमुख जांच एजेंसियों द्वारा उसकी तलाश की प्रक्रिया समाप्त हो गई।

सरेंडर का प्रयास और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
सोमवार को सौरभ शर्मा के सरेंडर की खबर के बाद जिला अदालत में हड़कंप मच गया था। सौरभ के वकील राकेश पाराशर के साथ सौरभ जिला कोर्ट पहुंचा था, जहां वह खुद को सरेंडर करने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, यह प्रयास सफल नहीं हुआ और लोकायुक्त पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। सोमवार को ही सौरभ ने वकील के माध्यम से जिला कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की, लेकिन जांच एजेंसियों द्वारा चकमा दिए जाने के कारण यह प्रक्रिया लंबी खिंच गई।
सौरभ शर्मा के खिलाफ मामले की गंभीरता
सौरभ शर्मा, जो पहले आरटीओ के एक कॉन्स्टेबल के रूप में कार्यरत था, पर गंभीर आरोप हैं। 19 दिसंबर को लोकायुक्त पुलिस ने उसके भोपाल स्थित घर और ऑफिस पर छापेमारी की थी, जहां से 2.95 करोड़ रुपए नगद, 50 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने और 234 किलो चांदी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे। इसके बाद जब जांच एजेंसियों ने उसकी तलाशी शुरू की, तो उसे फरार होते हुए देखा गया। इस दौरान सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के पास से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश की बरामदगी हुई, जिससे मामला और भी ज्यादा पेचिदा हो गया।
जांच एजेंसियों का बड़ा संघर्ष
सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी के बाद यह कहा जा सकता है कि तीन प्रमुख जांच एजेंसियों की 41 दिन की कड़ी मेहनत का नतीजा सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस, ईडी और सीबीआई ने मिलकर सौरभ की गिरफ्तारी के लिए व्यापक जांच की, जिसमें न सिर्फ उसकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश की गई, बल्कि उसके सभी सहयोगियों की भी तलाशी ली गई।
सुरक्षा के लिए बढ़ाई गई पुलिस व्यवस्था
गिरफ्तारी के बाद सौरभ शर्मा को भोपाल जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। सोमवार को ही जिला अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि कोई अप्रत्याशित घटना न हो। पुलिस बल को बढ़ा दिया गया था और अदालत में गहमा-गहमी का माहौल था।
सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब यह मामला पूरी तरह से जांच के घेरे में है। लोकायुक्त और अन्य जांच एजेंसियां अब उसके और उसके परिवार के खिलाफ विस्तृत जांच करेंगे, ताकि इस बड़े आर्थिक घोटाले का पर्दाफाश किया जा सके और अन्य संबंधित लोगों को भी कानून के तहत लाया जा सके।












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