MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, इंदौर भोपाल और उज्जैन समेत इन जिलों में आज बारिश
Weather in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बुधवार को राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई है। मौसम विभाग ने केवल गुरुवार को बालाघाट, छतरपुर, अनूपपुर, पन्ना, सतना और डिंडौरी में तेज पानी गिरने की उम्मीद जताई है।
इसके अलावा जबलपुर, इंदौर उज्जैन, भोपाल और ग्वालियर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ रिमजिम बारिश होने की उम्मीद है। यहां बादल छाए रहने से धूप-छांव का मौसम रहेगा।

मौसम विभाग का कहना है कि इन 6 जिलों को छोड़कर और कहीं तेज पानी गिरने के आसार नजर नहीं आ रहे, प्रदेश निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर है। इसके अलावा ट्रफ लाइन धीरे-धीरे आगे बढ़ती नजर आ रही है। यह ट्रफ लाइन गुना से गुजर रही है।
गौरतलब है कि 4 सितंबर को भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में पहले तेज धूप खिली और फिर दोपहर होते-होते बारिश शुरू हो गई। खरगोन जिले में हो रही बारिश से इन दिनों नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन लोगों को पुल-पुलिया और रपटों को पार नहीं करने की अपील कर रहा है। लेकिन, प्रशासन की अपील का लोगों पर कोई असर नहीं है। लोग जान जोखिम में डालकर रपटे पर पानी होने के बाद भी वहां से निकल रहे हैं। गोगांवा थाने के दयालपुरा गांव से लापरवाही की एक तस्वीर सामने आई है।
बारिश के चलते दयालपुरा में वेदा नदी ऊफान पर चल रही है। रपटे पर पानी होने के बाद भी किसान अपनी बैलगाड़ी के साथ निकल रहे हैं। मजदूर भी नदी को पैदल पार करते नजर आ रहे हैं। पिछले वर्ष भी इसी नदी में किसान सहित बैलगाड़ी बह गई थी। उस वक्त किसान तो तैरकर बाहर निकल आया था, लेकिन उसके दो बेलों की मौत हो गई थी। इस साल भी रपटे पर लापरवाही हो रही है। हालांकि, किसान, ग्रामीण और मजदूरों की अपनी मजबूरी है। गांववाले वर्षों से पुल बनाने की मांग कर रहे हैं।
लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही। मजबूरी में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रपटे से पार हो रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है की गोगांवा से भीकनगांव जोड़ने वाला ये एक मात्र रास्ता है। ग्राम दयालपुरा के ग्रामीण दिलीप पंचोली ने बताया कि करीब 80 प्रतिशत किसानों की खेती उस पार है। इसके चलते दयालपुरा के पास रपटे पर पानी होने के बाद भी किसान और ग्रामीणों को मजबूरी में निकलना पड़ता है।
उधर, सिवनी में बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। यहां मक्का-सोयाबीन की फसलें चौपट हो गई हैं। किसानों ने सर्वे करा कर सरकार से मुआवजे की मांग की है। इसके लिए किसानों ने सांकेतिक आंदोलन भी किया। जिला प्रशासन ने अभी तक किसानों की फसल का सर्वे कराने से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी है। इस वजह से किसानों में भ्रम की स्थिति निर्मित हो रही है। फसलों का सर्वे न होने से किसान आक्रोशित हो रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications