आदिवासियों को मोहन सरकार जोड़ेगी रोजगार, अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने पहला पूर्ण बजट सदन में पेश किया है। बजट के बाद, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रालय में एक बैठक की जहां पेसा एक्ट के तहत होने वाले कामों और गतिविधियों की समीक्षा की गई।
इस बैठक में, सीएम मोहन यादव ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां पेसा एक्ट लागू है, वहां स्थानीय जनजातीय को नए रोजगार सेक्टर से जोड़ने के लिए कार्ययोजना बनाएं।

सीएम ने अधिकारियों को जनजातीय बहुल पंचायतों के लिए ग्रामीण परिवहन व्यवस्था की संभावनाओं की एक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
रोजगार से जोड़ा जाए जनजातीय लोगों इस बैठक में सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के उन सभी जिलों के स्थानीय जनजातीय लोगों को रोजगार के नए सेक्टर से जोड़ा जाए, जहां पेसा एक्ट लागू है।
सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जनजातीय बहुल पंचायतों की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में जनजातीय भाई-बहनों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिए काम की संभावनाओं को तलाशा जाए।
इसके लिए अप्रोपियड एक्शन प्लान तैयार कर उसे जमीन पर उराता जाए। इसमें कुटीर, ग्राम उद्योग, पशुपालन, मशरूम, लाख, शहद के उत्पादन, विक्रय, रेशम कीट पालन और वस्त्र निर्माण जैसे काम शामिल है।
स्टडी कर बनाए रिपोर्ट इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि जनजातीय बहुल पंचायतों को ग्रामीण परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावनाओं पर अध्ययन करने उसकी डिटेल रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने जनजातीय वर्ग की बटालियन बनाने के बारे में भी विचार करने के लिए कहा है। बैठक में बताया गया कि महाराष्ट्र में पौध-रोपण से जनजातीय वर्ग को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ा गया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकास खंडों में पेसा एक्ट लागू है। इसके क्षेत्र में 5133 ग्राम पंचायतें और 11 हजार 596 ग्राम शामिल हैं।












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