Navratri 2024: श्मशान से घिरा है माता बगलामुखी मंदिर, तंत्र साधना से पूरी होती है भक्तों की मुराद
मध्यप्रदेश के आगर में इन दिनों नवरात्रि महोत्सव का हर्षोल्लास देखने मिल रहा है, जहां श्रद्धालु बड़े ही भक्ति भाव के साथ देवी आराधना कर रहे हैं, तो वहीं मंदिरों में भी इन दिनों श्रद्धालु बड़ी संख्या में देवी दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
धार्मिक नगरी उज्जैन के पास आगर जिले में स्थित नलखेड़ा नगर में माता बगलामुखी का अत्यंत ही प्राचीन मंदिर स्थित है। मान्यता है कि, इस मंदिर में यज्ञ करने और माता के दर्शन करने से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है। यही कारण है कि, इस मंदिर में फिल्म स्टार्स के साथ ही दिग्गज राजनेता भी यज्ञ और माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

बेहद प्राचीन है माता का मंदिर
जानकारी के मुताबिक, आगर जिले के नलखेड़ा में स्थित माता बगलामुखी का यह मंदिर बेहद ही प्राचीन है। मान्यता है कि, यह मंदिर महाभारत काल के समय से स्थापित है। बताया जाता है कि, महाभारत के युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए पांडवों ने यहां साधना की थी तब से ही इस मंदिर में शत्रु नाशक यज्ञ अनुष्ठान कराए जाते हैं। इस मंदिर में माता बगलामुखी, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित हैं। मान्यता है कि, यह प्रतिमाएं स्वयंभू हैं। इतना ही नहीं यह प्राचीन मंदिर चारों ओर से शमशान से घिरा हुआ है, यही कारण है कि, यह तंत्र क्रियाओं का भी अपना अलग महत्व है।
कई तरह के अनुष्ठान होते हैं
नलखेड़ा स्थित माता बगलामुखी के मंदिर में तंत्र साधना के साथ ही मिर्ची यज्ञ जैसे धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। माता के मंदिर में होने वाले यज्ञ के लिए दूर-दूर से लोग मंदिर पहुंचते हैं। इतना ही नहीं नवरात्रि में यहां यज्ञ कराने के लिए श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार भी करना पड़ता है। यहां मुख्य रूप से शत्रुओं का नाश, कोर्ट केस जीत, और चुनाव में विजय जैसे कार्यों को पूर्ण करने के लिए यज्ञ आयोजित किया जाता है। इतना ही नहीं यहां भक्त अपनी मनोकामना लेकर भी माता के दरबार में पहुंचते हैं, जहां मान्यता है कि माता बगलामुखी भक्तों की हर मनोकामना जल्द से जल्द पूरी कर देती है।
फिल्म स्टार्स के साथ ही राजनेता भी यहां आते हैं
नलखेड़ा स्थित माता बगलामुखी की प्राचीन मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान के लिए दूर-दूर से लोग मंदिर पहुंचते हैं, जहां अक्सर फिल्म स्टार्स और दिग्गज राजनेताओं को भी देखा जाता है। माता बगलामुखी के मंदिर में साल भर वीवीआइपी भक्तों का तांता लगा रहता है, जहां चुनाव के समय राजनेताओं के आने का सिलसिला बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं पर एक नजर डालें तो माता बगलामुखी की केवल तीन ही मंदिर हैं, जिनमें एक मंदिर नेपाल में तो दो मंदिर भारत में स्थापित हैं। भारत में स्थापित यह दोनों ही मंदिर मध्य प्रदेश में स्थित हैं, जहां एक नलखेड़ा तो दूसरा दतिया में विराजमान है।
भक्त इस तरह पहुंच सकते हैं माता रानी के दरबार
धार्मिक नगरी उज्जैन के पास आगर जिले में नलखेड़ा नामक नगर है, जहां माता बगलामुखी का यह बेहद प्राचीन मंदिर स्थापित है। भक्तों को यहां पहुंचने के लिए आगर और उज्जैन से बसें उपलब्ध है, जहां बस और अन्य साधनों से भक्त माता रानी के दरबार में पहुंच सकते हैं। नवरात्रि में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला यहां बढ़ जाता है, जहां पूरे 9 दिन माता रानी के दरबार में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहता है। दूर-दूर से यहां भक्त माता रानी के दर्शन करने और धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा बनने पहुंचते हैं।
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