नागरिक सेवा और सुरक्षा के लिए मप्र सरकार ने उठाए बड़े कदम, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी
सीधी। नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार कई क्रांतिकारी कदम उठा रही है। तय समय पर लोक सेवा प्रदान करना सुनिश्चित करने के लिए अध्यादेश लाया जा रहा है, जिससे तहत चिन्हित की गई लोक सेवा तय समय-सीमा में अधिकारी द्वारा प्रदाय नहीं की जाती है तो वे सेवाएं अपने आप ही नागरिकों को मिल जाएगी। लोक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अध्यादेश में कई प्रावधान हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि लोक सेवाओं के अलावा मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम में साल 2020 में संशोधन किया गया है ताकि प्रदेश की बहू बेटियों, विशेषकर नाबालिक बेटियों, अनुसूचित जाति, जनजाति के भाई-बहनों का नियम विरुद्ध धर्म परिवर्तन नहीं करवाया जा सके। अधिनियम में न्यूनतम 2 वर्ष से लेकर अधिकतम 10 वर्ष तक का कारावास और 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड का प्रावधान है।
सीएम ने कहा कि अधिनियम विरुद्ध दो या अधिक व्यक्तियों का एक ही समय में सामूहिक धर्म परिवर्तन किये जाने पर न्यूनतम पांच वर्ष से अधिकतम 10 वर्ष तक कारावास और न्यूनतम एक लाख रुपये का अर्थदंड का प्रावधान किया गया है। इसकी शिकायत पुलिस थाने में की जा सकती है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि खाद्य पदार्थों और दवाईयों आदि में मिलावट करने वालों से सख्ती से निपटा जा रहा है। इसके लिए कैबिनेट की बैठक में अध्यादेश का अनुमोदन किया गया है। भारतीय दण्ड संहिता की कई धाराओं में संशोधन कर 6 माह के कारावास और एक हजार रुपये तक के जुर्माने के स्थान पर आजीवन कारावास और जुर्माना प्रतिस्थापित किया गया है।












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