Madhya Pradesh Result 2023: 'टाइगर अभी जिंदा है', बीजेपी की शानदार जीत
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी ने भारी बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की है। 230 में से 163 सीटें बीजेपी के खाते में आईं हैं जबकि कांग्रेस के पास कुल 66 सीटें ही आई हैं। वहीं, अन्य में केवल भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) खाता खोलने में सफल हुई है। बीएपी के हिस्से में केवल एक सीट आई है। सुबह से आ रहे रुझान में भी लगातार बीजेपी बढ़त बनाए हुए थी। सरकार बनाने के जादुई आंकड़ें 116 को बहुत पीछे छोड़ते हुए बीजेपी ने बहुत बड़े अंतर से विधानसभा चुनाव जीत लिया है। मोदी की लहर के साथ-साथ 'मामा जी' का जादू भी चल गया है।

मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव 17 नवंबर को हुआ था। एग्जिट पोल्स में भी मध्यप्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने का अनुमान था। बीजेपी को पूरी उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पिछले कार्यकाल के बदौलत एक बार फिर मध्यप्रदेश में बीजेपी का शासन होगा। वहीं, कांग्रेस कमलनाथ के दम पर सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी। मध्य प्रदेश से जुड़े ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त मिलने की उम्मीद जताई गई थी।
एग्जिट पोल में भाजपा के लिए 115 से 162 सीटों का अनुमान लगाया गया था। वहीं, कांग्रेस को 100 से कुछ ज्यादा सीटों पर जीत मिलने की संभावना जताई गई थी। जबकि अन्य के खाते में 0 से 15 सीटें जाने का अनुमान था। राज्य में हुए पिछले चुनावों में कांग्रेस की जीत हुई थी। 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 109, कांग्रेस को 114 जबकि अन्य को 5 सीटें मिली थी। एग्जिट पोल के अनुमान को लगभग सही साबित करते हुए 164 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। जबकि कांग्रेस अनुमानित आंकड़े से काफी पीछे रह गई है।
2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने पर कमल नाथ के नेतृत्व वाली सरकार के 15 महीनों के कार्यकाल को छोड़ दें तो मध्यप्रदेश पिछले 20 साल में बीजेपी का गढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में आदिवासियों और दलितों का एक बड़ा वर्ग है। एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक, केंद्र की बीजेपी सरकार के साथ-साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जिन्हें लोग 'मामाजी' भी कहते हैं, की कल्याणकारी योजनाओं का असर मध्यप्रदेश के मतदाताओं पर पड़ा है।
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई और कमल नाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बाद में, ज्योतिरादित्य सिंधिया 22 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए और चौहान ने फिर से राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला।
इस साल 230 विधानसभा सीटों के लिए राज्य का कुल मतदान प्रतिशत 76.22 रहा। ये राज्य का अबतक का सबसे अधिक मतदान का प्रतिशत है। 2018 विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत 74.97 से अधिक रहा था।
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