INDIA गठबंधन का खेल बिगड़ने के लिए अखिलेश यादव ने बनाया प्लान, मध्य प्रदेश के खजुराहो में खरीदी जमीन
Lok Sabha Election 2024: मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी की पैठ मजबूत करने के लिए सपा के मुखिया अखिलेश यादव खजुराहो में नया कार्यालय खोलने जा रहे हैं। कार्यालय खोलने के लिए जमीन भी खरीद कर उसकी रजिस्ट्री कराई है।अखिलेश खुद चाह रहे थे कि मध्य प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव है वहां पर कार्यालय होना चाहिए।
मध्य प्रदेश के खजुराहो में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी का नया कार्यालय बनाने का निर्णय किया है। नए कार्यालय के लिए शुक्रवार को जमीन खरीद का रजिस्ट्री करग ली गई।

समाजवादी पार्टी ने मध्य प्रदेश में लोकसभा की 6 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। भोपाल में पहले से ही एक पार्टी कार्यालय है। अखिलेश यादव चाहते थे कि हर हाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले नए कार्यालय के लिए जमीन की खरीदारी कर ली जाए।
भोपाल में पहले से एक कार्यालय होने के बाद भी अखिलेश यादव यह चाहते थे कि मध्य प्रदेश में पार्टी का हेड क्वार्टर उस क्षेत्र में हो जहां समाजवादी पार्टी का प्रभाव सबसे अधिक है।
इसके बाद उत्तर प्रदेश से लगे खजुराहो में पार्टी का नया कार्यालय खोलना का फैसला किया गया। उत्तर प्रदेश से नजदीक होने की वजह से नेताओं का आना-जाना भी लगा रहेगा। अखिलेश यादव खुद नए कार्यालय का शिलान्यास करेंगे। हालांकि, इसके लिए अभी तक समय और दिनांक तय नहीं हुआ है।
समाजवादी पार्टी इस बार प्रदेश में लोकसभा की 06 सीटों रीवा, सतना, भिंड, टीकमगढ़, खजुराहो, और मुरैना में चुनाव लड़ना चाहती है।
जानकारी अनुसार अखिलेश जल्द ही मध्य प्रदेश का दौरा कर सकते है। सीटों के बंटवारे को लेकर वे कांग्रेस और खास तौर से कमलनाथ के व्यवहार से बहुत आहत और नाराज है।
दरअसल, अखिलेश यादव की कांग्रेस के साथ एमपी में विधानसभा सीट को लेकर नाराजगी जगजाहिर हो चुकी है। समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में अखिलेश यादव चाहते थे कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा हो लेकिन कांग्रेस ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया था।
मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों पर 17 नवंबर को वोटिंग हुई थी। चुनाव मतगणना 3 दिसंबर को होने वाला है। बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा 116 सीटों का है। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस 114 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 116 सीट के जादुई आंकड़े से पीछे रह गई थी। तब सपा 1 सीट जीत सकी थी और पार्टी ने कांग्रेस का समर्थन किया था। हालांकि, बाद में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की सरकार गिराकर खुद सरकार बना ली थी।












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