Tiger State MP में माधव नेशनल पार्क बाघों का नया घर, CM और Scindia शुक्रवार को छोड़ेंगे तीन टाइगर
शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क 34 साल बाद फिर बाघों से आबाद होने जा रहा है। बाघ पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को यहां पन्ना, बांधवगढ़ से एक-एक बाघिन और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एक बाघ को शिफ्ट किया जा रहा है।

टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश को जल्द ही एक और टाइगर रिजर्व मिलने जा रहा है। शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बाघ पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को तीन बाघ छोड़े जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादितय सिंधिया इनको पिंजरों से आजाद कर बाड़े में छोड़ेंगे। बता दें कि अफ्रीकन चीतों के पड़ोस में बाघों को बसाया जा रहा है। श्योरपुर के कूनों में चीते और शिवपुरी में बाघ बसाए जा रहे हैं।

माधव नेशनल पार्क कभी बाघों से आबाद था, लेकिन बफर जोन और कोर ऐरिया छोटा होने के कारण यहां बाघों में आपसी संघर्ष और बाघों के शिकार के चलते यह पार्क बाघ विहीन हो गया था। मप्र और केंद्र सरकार एक बार फिर से इसे बाघों का घर बनाने जा रहा है। शुक्रवार 10 मार्च 2023 माधव नेशनल पार्क के किए ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। यहां प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व से दो मादा और एक नर बाघ को शिफ्ट किया जा रहा है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व बनवाने और बाघों को लाने के लिए काफी लंबे समय से प्रयास कर रहे। उनके प्रयासों के बाद शुक्रवार को बाघों को शिफ्ट करने का दिन तय किया गया है।

कुल पांच बाघों को लाने की योजना, पहले चरण में 3 बाघ आ रहे
Recommended Video
माधव नेशनल पार्क के सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा काफी लंबे समय तक पन्ना नेशनल पार्क में पदस्थ रहे हैंं। टाइगर रिजर्व का उन्हें खासा अनुभव भी है। वे टाइगर रीलोकेशन की कमान संभाले हुए हैं। सीसीएफ शर्मा के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्कों से कुल पांच बाघों को यहां शिफ्ट किया जाना है। पहले चरण में पन्ना और बांधवगढ़ से एक-एक बाघिन और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एक बाघ को मिलकर कुल 3 टाइगर शिफ्ट किए जा रहे हैंं। दूसरे चरण में दो और बाघ यहां बसाए जाएंगे।
65 साल पहले बना था नेशनल पार्क, बाघ भी खूब दहाड़ते थे
शिवपुरी जिले का माधव नेशनल पार्क 1958 में स्थापित किया गया था। यह प्राकृतिक रूप से बाघों का घर रहा है। बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, सांभर, चीलत, सियार, भालू सहित अन्य वन्य प्राणियों का हमेशा से बसेरा रहा है। यहां बाघ खत्म होने का मुख्य कारण आजादी से पहले यह इलाका मराठा, राजपूत, मुगल शासकों और सिंधिया घराने के राजाओं की शिकारगाह रहा है। वर्तमान में इसका कुल एरिया 375 वर्ग किलोमीटर है, शुरूआत में यह महज 170 के आसपास ही थी। साल 1989 में इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। उस समय तारा और पेटू नाम के नर और मादा बाघों को लाया गया था। तारा बाघिन नरभक्षी हो गई थी, जिसके बाद यहां जो बाघ से उन्हें सुरक्षित दूसरे पार्क और रिजर्व एरिया में शिफ्ट कर दिया गया था।
-
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट












Click it and Unblock the Notifications