MP News: रीवा में कोर्ट मैरिज के दौरान युवक के साथ वकीलों ने की जमकर मारपीट, लव जिहाद का आरोप
MP News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शुक्रवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। जब एक मुस्लिम युवक अपनी हिंदू युवती के साथ कोर्ट मैरिज के लिए जिला न्यायालय पहुंचा, तो वकीलों ने लव जिहाद का आरोप लगाते हुए उसकी जमकर पिटाई कर दी।
यह घटना तब हुई जब युवक और युवती एक वकील के चेंबर में पहुंचे और उनका पहचान उजागर हो गया।

कोर्ट में हुई मारपीट की घटना
यह घटना शुक्रवार शाम को जिला न्यायालय में हुई। उस समय न्यायालय में वकीलों की हड़ताल चल रही थी, जिसके कारण दलील और बहस का काम ठप पड़ा था। इस दौरान, एक मुस्लिम युवक अपनी ब्राह्मण युवती के साथ एक वकील के चेंबर में पहुंचा और शादी के दस्तावेजों के बारे में जानकारी लेने लगा।
चेंबर में बैठा वकील युवक से बातचीत कर रहा था, लेकिन अचानक युवक ने वकील से विवाद करना शुरू कर दिया। वकील ने युवक को बताया कि स्टॉम्प पर शादी पूरी तरह प्रतिबंधित है, इस पर युवक ने विरोध करते हुए वकीलों से बहस करना शुरू कर दिया।
आधार कार्ड से पहचान उजागर
वकील को युवक की पहचान पर शक हुआ और उन्होंने युवक से आधार कार्ड मांगा। जैसे ही युवक ने अपना आधार कार्ड दिखाया, वकीलों को पता चला कि वह मुस्लिम समुदाय से है। यह जानकारी मिलने के बाद अन्य वकील वहां पहुंचे और युवक को घेरकर लव जिहाद का आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई कर दी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और पास के लोग भी मामले की ओर आकर्षित हो गए।
पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक और युवती को गिरफ्तार किया। पुलिस ने युवती को अपनी जीप में बैठाकर थाने भेजा, जबकि युवक को स्कूटी पर बैठाकर थाने भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी।
समाज में धार्मिक और संवेदनशील मुद्दे
यह घटना फिर से समाज में धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों पर चर्चा का विषय बन गई है। 'लव जिहाद' जैसे संवेदनशील आरोपों पर सवाल उठते रहते हैं। यह घटना खासतौर पर लव जिहाद जैसे आरोपों के संदर्भ में समाज में तनाव और विभाजन को दर्शाती है। जहां एक ओर युवक और युवती का संबंध व्यक्तिगत और निजी मामला है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस पर धर्म और सांप्रदायिक नजरिए से सवाल उठाते हैं।
वकीलों का तर्क और विवाद
इस घटना के दौरान वकील यह दावा करते रहे कि स्टॉम्प पर शादी करना कानूनी रूप से गलत है, लेकिन इस बहस में वकीलों का धार्मिक मुद्दे से जोड़ना और मारपीट करना गलत था। वकीलों का आक्रोश और उनकी हिंसात्मक प्रतिक्रिया से मामला और बिगड़ गया, जिससे यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की
इस दौरान जब युवक की पिटाई हो रही थी, तो किसी ने इस घटना की सीएसपी रितु उपाध्याय को सूचना दी। सीएसपी ने तुरंत सिविल लाइन थाना प्रभारी कमलेश साहू को मौके पर भेजा, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए सरकारी गाड़ी छोड़कर अपनी स्कूटी पर ही घटनास्थल पर पहुंचे और वकीलों और भीड़ से युवक-युवती को बाहर निकाला।
टीआई की त्वरित कार्रवाई
सिविल लाइन थाना प्रभारी कमलेश साहू ने घटनास्थल पर पहुंचने के बाद युवक और युवती को सुरक्षित तरीके से भीड़ से बाहर निकाला और पुलिस थाने भिजवाया। उन्होंने कहा कि युवक और युवती कोर्ट परिसर में शादी के लिए पहुंचे थे, और विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस उन्हें थाने लेकर पहुंची है। इस दौरान युवक का मेडिकल भी कराया जा रहा है, ताकि उनकी चोटों का सही आकलन किया जा सके।
वीडियो में हुई घटनाओं की पुष्टि
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वकीलों और युवकों के बीच बहस और मारपीट की स्थिति साफ देखी जा सकती है। वीडियो में यह भी दिखाया गया कि पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए युवक-युवती को सुरक्षा प्रदान की और उन्हें थाने भेजा।
कानूनी कार्रवाई की संभावना
कमलेश साहू ने बताया कि अब इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। घटनास्थल पर हुए आक्षेप और मारपीट के संदर्भ में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वे इस मामले में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे, ताकि दोषियों के खिलाफ उचित सजा तय की जा सके।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि कैसे समाज में धार्मिक और संप्रदायिक भावनाओं के चलते व्यक्तिगत मामलों को विवादित किया जा रहा है, जबकि यह एक कानूनी और निजी मसला है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सामाजिक शांति और न्याय बनाए रखा जा सके।












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