Kuno: इकलौते बचे शावक को नहीं अपना रही चीता ज्वाला, मां से अलग ही रखा जाएगा
Kuno National Park (कूनो नेशनल पार्क) में भारत की धरती पर जन्में व इकलौते बचे शावक को मादा चीता ज्वाला अब स्वीकार नहीं कर रही है। करीब दो महीने के प्रयास के बावजूद ज्वाला ने ऐसा एक भी संकेत नहीं दिया कि वह शावक को स्वीकार कर रही हो। दोनों को एक ही बाड़े में तार फेंसिंग के आर-पार रखा गया है।

कूनो में अभी तक एकमात्र मां बनी ज्वाला (सियाया) ने अपने एकमात्र जीवित बचे मादा शाव को त्याग दिया है। कूनो प्रबंधन और विशेषज्ञों के तमाम प्रयासों के बावजूद ज्वाला शावक को अपना नहीं रही है। पीसीसीएफ वन्य प्राणी असीम श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मादा चीता ज्वाला और उसके शावक को एक ही बाड़े में नजदीक रखा गया है। दोनों के बीच में तार फेंसिंग हैं। दोनों ही एक-दूसरे को नजदीक से देख सकते हैं। बावजूद इसके ज्वाला ने ऐसा एक भी संकेत नहीं दिया कि वह अपने शावक से लगाव या अपनापन दिखा रही हो। इस कारण शावक को मां के साथ छोड़ने की अब रिस्क नहीं उठा सकते।
बता दें कि बिग कैट फैमिली में टाइगर, तेंदुओ और चीता प्रजाति में यह प्रवृत्ति होती है कि अपने बिछड़े शावकों को दोबारा मिलने पर खुद ही मार देती हैं, इसलिए ज्वाला के शावक को अब उसके पास नहीं छोड़ा जा सकता है। एक हिसाब से कहा जा सकता है कि उसने अपने शावक को छोड़ दिया है।
18 दिन से जंगल में निर्वा चीता गायब!
कूनो में चीतों की लगातार मौत के बाद जंगल में छोड़े गए सभी चीतों को ट्रैंकुलाइज कर वापस बाड़े में लाया गया है। इनमें रेडियो कॉलर आईडी के कारण चमड़ी में इंफेक्शन होने की आशंका के चलते कॉलर आईडी निकाले जा रहे हैंं। बाकी चीते तो वापस आ गए, लेकिन एक मादा चीता निर्वा बीते 18 दिन से नहीं मिल रही है। उसके गले में लगा कॉलर आईडी खराब होने के कारण उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। लापता मादा चीता निर्वा की तलाश ड्रोन कैमरों व ट्रैप कैमरों के माध्यम से की जा रही है।












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