Kuno: एक्सपर्ट को छका रहे चीते, ट्रेंकुलाइज से पहले भाग जाते हैं, पवन, शौर्य और गौरव इंफेक्शन से मुक्त
कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में खुले मैदान और जंगल को नाप रहे व फर्राटा भर रहे 4 चीते पकड़ में नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों की माने तो बीती देर शाम तक चीते टीम की पकड़ से बाहर थे। काफी प्रयास के बाद इन चीतों को ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सका। बता दें कि चारों चीतों की अलग-अलग लोकेशन हैं।

कूनो के बाड़ों में 11 चीते पहुंच गए हैं। खुले जंगल में इनकी रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। कारण रेडियो कॉलर आईडी के बेल्ट के नीचे लगातार नमी और इंफेक्शन के कारण इनके घाव में कीड़े पड़ रहे थे। घाव खुले होने के कारण इंफेक्शन सेप्टीसिमिया बना रहा था, जो इनके ब्लड तक पहुंच रहा था। हालांकि अब देश-विदेश से आए डॉक्टर इन चीतों की मॉनिटरिंग करते हुए यह पता लगाएंगे कि चीते पूरी तरह स्वस्थ्य हैं या फिर कोई बीमारी पनप रही है। अधिकारियों के मुताबिक चीता पवन, गौरव व शौर्य अब इंफेक्शन से मुक्त हो गए हैं। तीन चीते स्वस्थ्य हैं। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जंगल में घूम रहे बाकी चार चीतों को भी जल्द बाड़े में ले आएंगे।
नामीबिया व साउथ अफ्रीका से 20 चीते आए थे
कूनो नेशनल पार्क का चुनाव चीता पुनर्स्थापन के लिए किया गया था। यहां बीते साल 16-17 सितंबर को नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे। वहीं कुछ समय बाद दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को ला गया था। कुल 20 चीते यहां लाए गए थे। इनमें मार्च में मादा चीता साशा की मौत हो गई थी। ठीक तीन दिन बाद खबर आई कि चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया है। हालांकि बाद में एक-एक कर तीन शावक व 4 और चीतों ने दम तोड़ दिया था। जुलाई महीने में चार दिन में दो चीतों की मौत से हड़कंप मच गया था।












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