Kuno National Park: एमपी के कूनो में गूंजी ‘किलकारी’, चीता आशा ने 3 शावकों को दिया जन्म
Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क से आज खुशखबरी आई है। दरअसल, यहां नामीबिया से सितंबर में लाई गई एक मादा चीता ने एक दो नहीं बल्कि एक साथ तीन शावकों को जन्म दिया है। इसकी खबर मिलते ही पूरे ग्वालियर चंबल अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है।
नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों का जन्म किस दिन हुआ है यह अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन अब उनकी देखरेख में पूरा अमला जुटा हुआ है।

इन नन्हे मेहमानों के इस दुनिया में आने की सूचना केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर की। अपने एक्स पोस्ट पर मिनिस्टर यादव ने लिखा जंगल में म्याऊँ यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कूनो नेशनल पार्क ने तीन नए सदस्यों का स्वागत किया है।
शावकों का जन्म नामीबियाई चीता आशा से हुआ है।... उन्होंने इसे देश में शुरू किए गए चीता प्रोजेक्ट की बड़ी सफलता बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है।
कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 14 वयस्क और 4 शावक मौजूद है। इनमें 7 नर चीते गौरव, अग्नि, पवन, प्रभाष, शौर्य, वायु और पावक शामिल हैं, जबकि 7 मादा चीतों में आशा, नाभा, धीरा, ज्वाला, गामिनी निरवा और वीरा शामिल हैं। इनमें से अभी केवल 2 चीते ही खुले जंगल में मौजूद हैं। जो भ्रमण के लिए आने वाले सैलानियों को दिख सकते हैं। जबकि शेष सभी चीते अभी बड़े बाड़े में ही रखे गए हैं।
कूनो नेशनल पार्क में देश की पहली चीता सफारी बनने बनने जा रही है। यहां पर सैलानियों के लिए सेसईपुरा में कूनो नदी क्षेत्र को शामिल कर चीता सफारी विकसित की जाएगी। इसका प्रस्ताव सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास भेजा गया था। जिसे कूनो फेस्टिवल के पहले स्वीकृति मिल गई है। अब जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
मार्च 2023 में सियाया, जिसे बाद में ज्वाला नाम दिया गया, उसने 4 शावकों को जन्म दिया था। लेकिन उनमें से केवल 1 ही जीवित बचा था। ज्वाला को भी नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाया गया था।












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