हरदा में दिनदहाड़े अपहरण का मामला, दतिया के युवक-युवती को होटल हवेली के सामने से उठाया, घटना CCTV में कैद
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में सोमवार, 4 अगस्त 2025 की सुबह करीब 10:15 बजे एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। छीपानेर रोड पर होटल हवेली के सामने दतिया जिले से आए एक युवक और युवती को कुछ लोगों ने कथित तौर पर जबरन गाड़ियों में डालकर ले गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
दतिया के युवक-युवती का हरदा में दिनदहाड़े अपहरण, युवक-युवती को सड़क से उठाकर गाड़ियों में बैठाया। घटना होटल हवेली के सामने हुई। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद। इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है, और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। यह खबर हरदा अपहरण मामले, सीसीटीवी फुटेज, और भीम आर्मी संभागीय अध्यक्ष महेंद्र काशिव की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालती है।

घटना का विवरण: होटल हवेली के सामने अपहरण
सोमवार सुबह हरदा के छीपानेर रोड पर होटल हवेली के सामने करीब 10:15 बजे दो गाड़ियों में सवार कुछ लोग पहुंचे और एक युवक और युवती को जबरन गाड़ी में डालकर फरार हो गए। हरदा न्यूज: युवक-युवती का दिनदहाड़े अपहरण। दो गाड़ियों से आए लोगों ने सड़क से उठाया। सिटी कोतवाली थाना टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने दी थी।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग युवक और युवती को जबरदस्ती गाड़ी में बैठा रहे हैं। जांच के लिए पहुंचे एएसआई दिनेश शेखावत ने कहा, "हमने फुटेज की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं।"
सीसीटीवी फुटेज में छीपानेर रोड के स्वागत गेट के पास रहने वाले महेंद्र काशिव मेहरा भी दिखाई दे रहे हैं, जो भीम आर्मी के संभागीय अध्यक्ष हैं। सूत्रों के अनुसार, यह युवक और युवती दतिया जिले से भागकर हरदा आए थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों एक ही गोत्र के हैं, और उनके प्रेम प्रसंग पर परिवार ने आपत्ति जताई थी। इसी कारण दोनों ने घर छोड़ दिया था।
भीम आर्मी संभागीय अध्यक्ष का दावा: "पारिवारिक मदद की थी"
महेंद्र काशिव मेहरा, जो भीम आर्मी के संभागीय अध्यक्ष हैं, ने इस मामले में अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा, "मैं तो परिवार की मदद के लिए गया था। दतिया से हमारे संगठन के एक साथी ने फोन करके बताया कि एक बालिका लापता है, और परिवार बहुत चिंतित है। पुलिस ने ही हमें युवक-युवती की लोकेशन छीपानेर रोड के पास होने की जानकारी दी थी। हम वहां मदद के लिए पहुंचे थे।" महेंद्र ने दावा किया कि यह एक पारिवारिक मामला है, और युवक-युवती उन्हें देखकर भाग रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि युवक और युवती अब कहां हैं, तो उन्होंने कहा, "वो रास्ते में हैं, आ रहे हैं।"
महेंद्र के बयान ने कई सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोग और पुलिस सूत्रों का कहना है कि महेंद्र की मौजूदगी और उनकी भूमिका संदिग्ध है। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सीसीटीवी फुटेज में महेंद्र काशिव स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं, लेकिन उनका दावा कि वे केवल मदद के लिए आए थे, जांच का विषय है।"
प्रेम प्रसंग और गोत्र विवाद: अपहरण का कारण?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक और युवती दतिया जिले के एक ही गांव के रहने वाले हैं, और उनके घर आमने-सामने हैं। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था, लेकिन एक ही गोत्र होने के कारण परिवार ने उनके रिश्ते का विरोध किया।
स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर ने कहा, "यहां ऐसी घटनाएं असामान्य हैं। होटल हवेली के सामने दिनदहाड़े इस तरह का अपहरण देखकर लोग डर गए।" एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी, श्यामलाल, ने बताया, "गाड़ियां तेजी से आईं, और कुछ लोग युवक-युवती को खींचकर ले गए। हम कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वे फरार हो गए।"
सीसीटीवी फुटेज: जांच का मुख्य आधार
घटना का पूरा विवरण होटल हवेली और छीपानेर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। टीआई रोशनलाल भारती ने बताया, "फुटेज में दो गाड़ियां दिख रही हैं, जिनमें कुछ लोग युवक और युवती को जबरन डाल रहे हैं। हम गाड़ियों के नंबर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रहे हैं।" एएसआई दिनेश शेखावत ने कहा, "स्थानीय लोगों ने हमें तुरंत सूचना दी, जिसके बाद हमने तत्काल कार्रवाई शुरू की। फुटेज की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।"
सीसीटीवी फुटेज में महेंद्र काशिव की मौजूदगी ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या महेंद्र का दावा सही है या उनकी भूमिका कुछ और है।












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