Khargone: दंगे का मास्टर माइंड इनामी आरोपी गिरफ्तार, रामनवमी में इसकी वजह से बिगड़ा था माहौल
दंगे के मास्टर माइंड इस आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिये चुनौती थी। जिस तरह से धार्मिक माहौल बिगाड़ा गया था, उससे खरगोन में कई दिनों तक कर्फ्यू लगाना मज़बूरी बन गई थी। उपद्रव में शामिल अन्य 182 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी
खरगोन, 31 जुलाई: रामनवमी के जुलूस के दौरान खरगोन में दंगा कराने का मास्टर माइंड आरोपी दबोंच लिया गया है। समीर उल्ला उर्फ़ भाईसाब नाम के आरोपी पर खरगोन में दंगा भड़काने का आरोप है, जो घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर दस हजार रुपए का इनाम भी रखा था। इसके अलावा प्रशासन ने इसके खिलाफ NSA की कार्रवाई भी की थी।

दंगे का मास्टर माइंड इस आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिये चुनौती थी। जिस तरह से धार्मिक माहौल बिगाड़ा गया था, उससे खरगोन में कई दिनों तक कर्फ्यू लगाना मज़बूरी बन गई थी। उपद्रव में शामिल अन्य 182 आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद समीर उल्ला उर्फ़ भाईसाब की तलाश में पुलिस ने कई टीमें गठित की थी। केई ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन समीर का कही भी पता नहीं चला। लेकिन रविवार को पुलिस को इनपुट मिला कि समीर जिले के खलटका और बालसमुंद्र की बीच एक गांव में घूम रहा है। फ़ौरन पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी करते हुए समीर को गिरफ्तार कर लिया गया।

दंगे के बाद बन गए थे कर्फ्यू के हालात
10 अप्रैल को मप्र के खरगोन में जब रामनवमी का जुलूस निकल रहा था, तो दो गुटों के बीच आगजनी और पथराव की घटना हुई, जिसके कुछ देर बाद ही पूरे शहर में दंगा भड़क उठा था। इस दौरान दोनों पक्षों से दर्जनों लोग घायल हुए थे और जिले के एसपी सिद्धार्थ चौधरी को गोली भी लगी थी। पूरे मामले की जांच में जुटी पुलिस के सामने दंगा भड़काने वालों में जो नाम सामने आए थे, उसमें मुख्य आरोपी समीर उल्ला उर्फ़ भाईसाब ही रहा। घटना के बाद से ही यह फरार था। आरोपी खरगोन शहर के मोहन टॉकीज के नजदीक का रहने वाला है। मुख्य रूप से इसकी वजह से भड़के दंगे से शासकीय और निजी संपत्तियों को भी काफी नुकसान हुआ।












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