'मुझे चिंता है...मैं नपुसंक न हो जाऊं', छात्राओं से पूछा गया विवादित प्रश्न, विवाद के बाद रद्द हुई परीक्षा
खंडवा गर्ल्स कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्राओं ने पर्सनालिटी डेवलपमेंट के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक सवाल पूछे गए थे। जिसके बाद मामला गरमा गया और प्रिंसिपल ने विरोध के बाद टेस्ट को रद्द कर दिया।

Khandwa News: मध्य प्रदेश के खंडवा (Khandwa) जिले में व्यक्तित्व विकास (पर्सनालिटी डेवलपमेंट) के पूछे गए प्रश्न पत्र में छात्राओं से आपत्तिजनक सवाल पूछे गए थे। जिसके बाद मामला काफी गरमा गया और छात्राओं ने हंगामा कर दिया। मामला गरमता देखकर गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य ने पेपर को निरस्त करा दिया। हालांकि, प्रिंसिपल का कहना है कि मनोविज्ञान में इन प्रश्नों का जिक्र है।
दरअसल, मनोविज्ञान के पेपर में सेक्स लाइफ से जुड़े क्लिनिकल सवाल पूछे गए, जिनके जवाब हां और ना में देने थे। इन सवालों को लेकर गर्ल्स कॉलेज की फर्स्ट ईयर की छात्राओं ने आपत्ति जताई थी और प्रिंसिपल से शिकायत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला दो दिन पुराना है। व्यक्तित्व विकास के पूछे गए प्रश्न में चार विवादित सवाल थे, जिनको लेकर छात्राओं ने आपत्ति जताई और इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की थी।
आइए जानते हैं कि वे विवादित सवाल क्या हैं?
- मुझे कभी-कभी यह चिंता हो जाती है कि कहीं मैं नपुसंक न हो जाऊं।
- विपरित जेंडर के व्यक्ति से मिलने पर मुझे कुछ घबराहट सी मालूम होती है।
- बुढ़ापे से शारीरिक शक्ति के क्षीण होने की संभावना मुझे सताया करती है।
- कभी-कभी मैं यह सोचकर परेशान हो जाता हूं कि क्रोध में मैं किसी की हत्या न कर दूं या भारी नुकसान न पहुंचा दूं।
700 छात्राएं कर रही हैं पढ़ाई
गर्ल्स कॉलेज में नई शिक्षा नीति के तहत मनोविज्ञान विषय में प्रथम व द्वितीय वर्ष में लगभग 700 छात्राएं पढ़ाई कर रही है। मनोविज्ञान के एक शिक्षक ने एक लेखक की लिखित प्रश्नावली का चयन कर उसे ग्रुप पर डाल दिया। जिसका उत्तर हां या ना में छात्राओं को भरना था। इन सवालों पर आपत्ति जताते हुए छात्राओं ने कहा कि पूरा टेस्ट सिलेबस से अलग है। इन सवालों को लेकर कहा गया कि ये इतने आपत्तिजनक और अश्लील हैं और ये छात्राओं की गरिमा के खिलाफ है।
छात्राओं ने सवाल का जबाव देते हुए आ रही है शर्म
गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने कहा कि इन प्रश्नों में इतने आपत्तिजनक और अश्लील सवाल है। जिनके जवाब देने में भी शर्म आ रही है। इतना ही नहीं, छात्राओं ने कहा कि यह सब उनके सिलेबस में नहीं है, जिसके बाद प्रस्तावित प्रश्नावली को निरस्त कर दिया गया। इस बारे में गर्ल्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एके जैन का कहना है कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत पर्सनालिटी डेवलपमेंट सब्जेक्ट पाठ्यक्रम का हिस्सा है। इसे किसी भी फैकल्टी के स्टूडेंट्स वोकेशनल कोर्स के रूप में सिलेक्ट करते हैं।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई: प्रिंसिपल
प्रिंसिपल डॉ. एके जैन ने बताया कि इस संबंध में व्याख्याता से पूछताछ की है और लेखक की प्रश्नावली भी देखी जा रही है। मनोविज्ञान में इस तरह के प्रश्न होते हैं। फिर भी पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि इस सवालों पर मुझे एक शिकायत मिली, जिसमें कुछ छात्राओं ने आपत्ति जाहिर की। इसलिए मैंने तत्काल उस प्रश्न पत्र को रद्द करने के निर्देश दिए। अभी एग्जाम नहीं हुए है। बता दें, जिस पुस्तक से यह सवाल लिए है, वो रुपा साइकोलॉजिकल सेंटर वाराणसी से प्रकाशित है।












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