सिंधिया को भाजपा ने क्यों बनाया गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार, अब क्या करेंगे सांसद केपी यादव
MP BJP news: भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी ने सिंधिया को उनकी परंपरागत सीट गुना- शिवपुरी से उम्मीदवार बनाया है। यानी अब सिंधिया पहली बार कमल के निशान पर सीधे चुनाव लड़ते हुए दिखाई देंगे। लेकिन भाजपा ने ऐसा क्यों किया, इसे जानने के लिए पूरी खबर विस्तार से पढ़े।
गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में सिंधिया ने के चुनाव लड़ने की खबर आने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है। लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि मौजूदा भाजपा सांसद केपी यादव क्या करेंग। फिलहाल केपी यादव पार्टी के निर्णय से सहमत नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी उनका किसी और माध्यम से उपयोग करना चाहती है। इसलिए वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
2019 के चुनाव में सिंधिया को हराने के बाद, पार्टी में केपी यादव की साख एकदम से बढ़ी। उन्होंने एक दिग्गज को हराया था, जिससे राजनीतिक जगत में उनकी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई थी। सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से पहले, केपी यादव को पार्टी में काफी महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही थी। लेकिन सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद, वह अपने आत्मसमर्थन में कमी महसूस करने लगे थे। उन्हें भाजपा में ज्यादा ध्यान मिलने लगा था जिससे वह असहज महसूस करने लगे थे।
इस दौरान, प्रोटोकॉल को लेकर उन्होंने सवाल उठाना शुरू किया था। सिंधिया के कार्यक्रमों में उन्हें न तो न्योता मिलता और न ही उनके फोटो बैनर-पोस्टर में शामिल किया जाता। इसके बाद, कई बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी असंतुष्टि जताई और इस विषय में विवाद उत्पन्न हुआ। उनकी शिकायत पर भाजपा ने उनका तलब भी कम किया, और उन्हें संगठन ने समझाईश भी दी, हालांकि सवालें जारी रहीं।

भाजपा ने आखिर क्यों कांग्रेस से हारे हुए सिंधिया को गुना से बनाया उम्मीदवार
दरअसल, सिंधिया परिवार का गुना शिवपुरी सहित पूरे ग्वालियर चंबल क्षेत्र में खासा प्रभाव है। उनके परिवार के सदस्य ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से भी लोकसभा के सदस्य रहे। एसएमएस क्षेत्र में सिंधिया परिवार का अभी भी प्रभाव देखा जाता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में मुरैना और ग्वालियर सीट पर भाजपा को कम अंतराल से जीत मिली थी। इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने सिंधिया को गुना से उम्मीदवार बनाकर पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को साधने की कोशिश की है।
टिकेट मिलन पर सिंधिया ने पार्टी नेतृत्व का जताया आभार
गुना सीट से टिकट मिलने के बाद, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे गुना के बहनों-भाईयों की सेवा का अवसर दिया है, वो मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है। इस विश्वास के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हार्दिक धन्यवाद करता हूं। मुझे आशा और विश्वास है कि गुना की मेरी भगवान समान जनता मुझे अपना आशीर्वाद देगी। मैं अपनी तरफ से उनकी उम्मीदों पर हर प्रकार से खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा।' सिंधिया चार बार गुना से सांसद रहे हैं।
2020 में बीजेपी में शामिल हो गए थे सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से चार बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। उनके पिता माधवराव सिंधिया की मौत के बाद वह पहली बार 2002 के उपचुनाव में यहां से चुनाव लड़कर संसद पहुंचे थे। सिंधिया 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इसी सीट से चुनाव जीते थे। उन्हें मनमोहन सरकार की यूपीए-2 में मंत्री भी बनाया गया था। 2019 का चुनाव हारने के बाद वह 2020 में बीजेपी में शामिल हो गए थे।
मोदी सरकार में दो अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी
2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से बगावत करके बीजेपी में शामिल हो गए थे। उनके साथ कांग्रेस के 22 विधायक भी इस्तीफा देकर भाजपा में चले गए थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें भाजपा ने राज्यसभा भेज दिया था, जबकि मोदी मंत्रिमंडल में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था। सिंधिया फिलहाल मोदी सरकार में दो अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वह नगर विमानन के साथ इस्पात मंत्री भी हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद वह पहली बार सीधे चुनाव में उतरेंगे।












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