MP News: पार्लियामेंट सेशन में आखिर ऐसा क्या हुआ कि टीएमसी सांसद और ज्योतिरादित्य सिंधिया भिड़ गए
Parliament Session News: लोकसभा में डिजास्टर मैनेजमेंट अमेंडमेंट बिल 2024 पर चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच तीखी बहस हुई।
यह बहस टीएमसी सांसद के बयान से शुरू हुई, जब उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यों पर सवाल उठाए। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि जिसके बाद लोकसभा में टीएमसी सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया में तीखी बहस हो गई, जानिए..

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क्या कहा था टीएमसी सांसद ने?
बनर्जी ने कहा, "कोविड के समय राज्य सरकारों ने बहुत प्रयास किए, लेकिन हमेशा यही कहा जाता है कि सब कुछ मोदी जी ने किया। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को कोई मदद नहीं दी।" उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को महामारी के दौरान उचित सहायता नहीं दी और पूरी श्रेय लेने की कोशिश की। इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन बनर्जी ने आरोपों को जारी रखा।
सिंधिया का कड़ा जवाब
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बनर्जी के बयान का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हम आपके विचारों से सहमत हैं, लेकिन जब सदन में कोई व्यक्ति झूठ बोलने की कोशिश करता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है। इस सदन में किसी को भी अपनी आवाज उठाकर झूठ को सच बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। भारत ने कोविड संकट के समय 200 करोड़ से अधिक इंजेक्शन लगाए, और यह बात पूरी दुनिया जानती है।"
व्यक्तिगत टिप्पणी से विवाद
इस बहस के दौरान, टीएमसी सांसद ने सिंधिया पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। बनर्जी ने कहा, "आप बहुत सुंदर दिखते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप केवल सुंदर हैं, आप एक विलेन भी हो सकते हैं।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा, "आप एक महाराजा के परिवार से आते हैं, तो क्या आप सबको छोटा समझते हैं?"
सिंधिया इस टिप्पणी से गुस्से में आ गए और उन्होंने जवाब देते हुए कहा, "मैं उनका जवाब देता हूं क्योंकि यह मेरे परिवार पर व्यक्तिगत हमले हैं। मेरा नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया है, और जो मैं हूं वह जनता के आशीर्वाद और मेहनत के कारण हूं। अगर कोई मेरे परिवार पर अपमानजनक टिप्पणी करेगा, तो मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा।"
स्पीकर का हस्तक्षेप
इस विवाद के बाद, लोकसभा के स्पीकर ए. राजा ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों सांसदों से अनुरोध किया कि वे व्यक्तिगत हमलों से बचें और सदन की गरिमा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण विधेयक है और सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों पर। इस पूरी बहस के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, और यह संसद में गरमागरम माहौल का कारण बना।












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