Jabalpur News: देश का पहला राज्य मप्र, जहां ग्रीन सिटी इंडेक्स रैंकिंग से शहर बनेंगे पर्यावरण फ्रेंडली

(Jabalpur News) पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण से निपटने मध्यप्रदेश में अभिनव पहल शुरू हुई है। जबलपुर समेत प्रदेश के 16 शहरों में ग्रीन सिटी इंडेक्सिंग होगी। ताकि शहरों को पर्यावरण फ्रेंडली बनाया जा सकें। जिन शहरों में प्रदूषण का स्तर उछाल मार रहा है, वहां स्थानीय स्तर पर व्यापक उपाय लागू किए जाएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी ग्रीन सिटी इंडेक्स पैरामीटर लांच कर दिया है।

क्या है ग्रीन सिटी इंडेक्स ?

क्या है ग्रीन सिटी इंडेक्स ?

मध्यप्रदेश में प्रदूषण मुक्ति की दिशा में सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। स्वच्छता रेंकिंग की तर्ज पर अब ग्रीन सिटी इंडेक्स रैंकिंग भी होगी। जिसके लिए कई पैरामीटर निर्धारित किए गए है। प्रदेश के जिन शहरों को इसमें शामिल किया गया है, उनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। वायु, ध्वनि प्रदूषण का स्तर को औसत बनाए रखने की दिशा में क्या प्रयास हो रहे है, इसे जांचा जाएगा। ताकि पर्यावरण भी संरक्षित रहे और आम लोगों के साथ शहर पर्यावरण फ्रेंडली बन सकें।

सीएम शिवराज सिंह ने लॉन्च किया पैरामीटर

सीएम शिवराज सिंह ने लॉन्च किया पैरामीटर

ग्रीन सिटी इंडेक्स रैंकिंग की शुरुआत करने वाला मप्र देश का पहला राज्य बन गया है। इसकी लॉन्चिंग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। ग्रीन सिटी इंडेक्स पैरामीटर यानि GCE 100 अंकों का होगा। जिसमें सबसे ज्यादा नंबर सिटी के पार्क और वायु क्वालिटी की बेहतरी के लिए मिलेंगे। इस इंडेक्स में यह भी देखा जाएगा कि किसी शहर में प्रदूषण की वजह रही, उससे निपटने स्थाई किस तरह के समाधान किए गए। बेहतर समाधान वाले शहरों को ज्यादा अंक दिए जाएंगे।

नगर निगम क्षेत्र वाले 16 शहरों से शुरुआत

नगर निगम क्षेत्र वाले 16 शहरों से शुरुआत

इस इंडेक्स रैंकिंग की शुरुआत जबलपुर समेत उन 16 शहरों से की गई है,जहां नगर निगम है। स्वच्छता रैंकिंग की मॉनिटरिंग केन्द्रीय स्तर पर होती है। उसके साथ प्रदेश स्तर पर प्रदूषण मुक्ति का यह अभिनव प्रयोग स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने में भी मदद करेगा। सरकार का कहना है कि अगले साल से इस व्यवस्था को नगर पालिका क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पूरा प्रदेश पर्यावरण फ्रेंडली कहलाए।

डेटा फीडिंग और मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल

डेटा फीडिंग और मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल

ख़ास बात यह है कि इस पूरी व्यवस्था की बारीकी से मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने एक पोर्टल भी तैयार किया है। फिलहाल यह पोर्टल संबंधित विभाग के लिए ही रहेगा। बाद में इसे पब्लिक डोमेन के रूप में भी लांच किया जाएगा, ताकि आम लोगों के सुझाव और शिकायत के जरिए इंडेक्स बेहतर हो सकें। जानकारी के मुताबिक GCI के लिए पहली और दूसरी तिमाही रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। इसका सत्यापन भी हो चुका है।

बेस ईयर 31 मार्च 2022

बेस ईयर 31 मार्च 2022

बताया गया है कि 31 मार्च 2023 की स्थिति में अप्रैल महीने में पहली ग्रीन सिटी इंडेक्स रैंकिंग जारी की जाएगी। जिसमें पर्यावरण फ्रेंडली बनाने वाले पांच प्रमुख विभागों की भूमिका और उनका मूल्यांकन अहमियत रखेगा। संबंधित मूल्यांकन की रिपोर्ट नगरीय प्रशासन और पर्यावरण विभाग के साथ साझा करना होगी।


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