MP News: दो दिन चली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, एमपी में नए अवसरों का आगाज
MP News: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का समापन रविवार, 25 फरवरी 2025 को हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश ने निवेश के एक ऐतिहासिक आंकड़े को छुआ। समिट के दौरान 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले, जो राज्य के विकास की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकते हैं।
इस समिट में कुल दो दिन की अवधि में 26.61 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव और एमओयू साइन हुए, जिनसे राज्य में 17.34 लाख रोजगार सृजन की संभावना जताई जा रही है।

पहले दिन का निवेश आंकड़ा
समिट के पहले दिन, 24 फरवरी 2025 को 22 लाख 50 हजार 657 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए थे। इस दिन उद्योगपतियों और निवेशकों ने विभिन्न सेक्टरों में अपने प्रस्तावों को साझा किया और कई महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किए गए।
दूसरे दिन का निवेश आंकड़ा
समिट के दूसरे दिन, 25 फरवरी 2025 को 4 लाख 11 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों ने समिट की सफलता को और भी पुख्ता किया। दो दिन में प्राप्त हुए निवेश प्रस्तावों की कुल राशि 26.61 लाख करोड़ रुपए है, जो मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
रोजगार के अवसर
यह निवेश 17.34 लाख नए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने की संभावना जताता है। इस तरह के निवेश और रोजगार के अवसर मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में मदद करेंगे।

समिट में हुए प्रमुख एमओयू और निवेश
एविएशन: समिट में फ्लाई भारती के साथ उज्जैन में एयरपोर्ट डेवलपमेंट के लिए एक एमओयू साइन किया गया। इस परियोजना के तहत 750 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके अलावा, एअर इंडिया एक्सप्रेस और मध्यप्रदेश नागरिक विमानन विभाग के बीच 5 नई फ्लाइट्स के लिए एमओयू साइन हुआ।
प्रवासी मध्यप्रदेश समिट: समिट के पहले दिन प्रवासी मध्यप्रदेश समिट का आयोजन हुआ, जिसमें विदेशों में बसे मध्यप्रदेश के लोगों ने भी भाग लिया और अपने निवेश प्रस्ताव रखे।
विभागीय समिट: समिट के दौरान कुल 6 विभागीय समिट हुईं, जिनमें अर्बन, टूरिज्म, एमएसएमई, और माइनिंग सेक्टरों से संबंधित चर्चाएं हुईं। इन समिटों में 500 से अधिक NRI निवेशकों ने अपने विचार साझा किए और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए अपने प्रस्ताव साइन किए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन
समिट के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। उन्होंने समिट के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और मध्यप्रदेश की विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि समिट ने राज्य को एक वैश्विक निवेशक केंद्र के रूप में स्थापित किया है और इसके परिणाम आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे।
मुख्यमंत्री का बयान
समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए उपयुक्त माहौल तैयार किया है और आने वाले समय में इन निवेशों का राज्य के विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 30 लाख 77 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों के साथ मध्यप्रदेश देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में एक अहम स्थान बनाएगा।
सीएम बोले- विकास में भागीदार बनें प्रवासी भारतीय, प्रवासी मध्यप्रदेश समिट में बढ़े निवेश के अवसर
प्रवासी मध्यप्रदेश समिट में मंगलवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के प्रवासी भारतीयों से आह्वान किया कि वे राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनें। समिट में दुनियाभर से आए प्रवासी भारतीयों और विभिन्न देशों से जुड़े फ्रेंड्स ऑफ एमपी और इंडिया कनेक्ट के सदस्यों ने भी भाग लिया।
प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा, "मध्यप्रदेश में रोजगार के नए अवसरों का सृजन प्रदेश के प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका में है। जब लंदन में मध्यप्रदेश के निवासी मेयर बनते हैं, तो यहां भी आतिशबाजी होती है। यह आंतरिक लगाव और मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रवासी भारतीयों का योगदान न केवल राज्य के आर्थिक विकास में बल्कि राज्य की संस्कृति और पहचान को भी विश्वभर में पहचान दिलाने में अहम है।
प्रवासी भारतीयों का उत्साह
समिट में बंकिंघमशायर (लंदन) की मेयर प्रेरणा भारद्वाज, फ्रेंड्स ऑफ एमपी (बोस्टन चैप्टर) के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, फिजी के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी, जिम्बाब्वे के राज मोदी, और कई अन्य प्रवासी भारतीयों ने इस समिट में भाग लिया। उन्होंने राज्य के विकास में अपनी ओर से सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया और मध्यप्रदेश में व्यापार और निवेश के लिए नए रास्ते खोलने की बात की।
एमपी में तेजी से हो रहा विकास
फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूएई चैप्टर) के अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कहा कि मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, हांगकांग के प्रमुख निवेशक और इंडिया कनेक्ट के ग्लोबल प्रेसिडेंट संजय नागरकर ने कहा, "मध्यप्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में लगातार प्रगति की है। यहां लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं और निवेशकों के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार हो रहा है।"
सेक्टरवार समिट
समिट के दूसरे दिन, 25 फरवरी 2025 को सेक्टरवार चार डिपार्टमेंटल समिट का आयोजन किया गया। इन समिटों में प्रमुख उद्योगों और विकास के क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
टूरिज्म समिट: यह समिट हॉल-1 में सुबह 10.30 से 12.30 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। समिट के दौरान मध्यप्रदेश पर्यटन पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से छोटे शहरों को विकास का अवसर मिला है और वहां के लोग अब उद्योगपति बनने का सपना देख रहे हैं।
माइनिंग, एमएसएमई एंड स्टार्टअप, और अर्बन डेवलपमेंट समिट: इसके बाद की समिट्स में माइनिंग, एमएसएमई, स्टार्टअप और अर्बन डेवलपमेंट पर जोर दिया गया। इन समिटों में प्रदेश के भविष्य के लिए बड़े पैमाने पर निवेश और नए रोजगार अवसरों पर चर्चा की गई।
समिट का समापन
समिट के समापन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक अच्छा माहौल तैयार है और आने वाले वर्षों में यहां व्यापार और उद्योग में नए अवसर खुलेंगे। समिट ने प्रदेश को वैश्विक निवेश का एक नया केंद्र बना दिया है और आने वाले समय में यह निवेश मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।












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