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MP इंदौर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, बुरहानपुर में डिप्टी रेंजर मोहम्मद खान ले रहा था 5 हजार रुपए की रिश्वत

MP News: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत इंदौर लोकायुक्त इकाई ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील के मांडवा में डिप्टी रेंजर मोहम्मद खान को 5000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई ग्राम पंचायत मांडवा के उपसरपंच संजय जाधव की शिकायत पर की गई, जिन्होंने पुलिया और सड़क निर्माण कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर किया है।

Indore Lokayukta action Deputy Ranger Mohammad Khan in Burhanpur bribe of 5 thousand rupees

मामला: पुलिया निर्माण के लिए रिश्वत की मांग

आवेदक संजय जाधव, पिता डोंगर सिंह, ग्राम पंचायत मांडवा, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर के उपसरपंच हैं। उनकी पंचायत में बाथू मोहल्ला के पास ग्राम हसनपुर और ग्राम मांडवा के बीच एक नाले पर पुलिया निर्माण और इसके दोनों ओर 70 मीटर सड़क निर्माण का कार्य प्रस्तावित था। इस परियोजना की स्वीकृति बुरहानपुर के वनमंडलाधिकारी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त हो चुकी थी।

पुलिया का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और 60 मीटर सड़क का निर्माण भी हो गया है। शेष 10 मीटर सड़क, जो पुलिया को जोड़ने के लिए RCC (रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) रोड के टुकड़ों से बनाई जानी है, वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस शेष कार्य के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की आवश्यकता थी।

आवेदक संजय जाधव ने आरोप लगाया कि डिप्टी रेंजर मोहम्मद खान ने इस NOC जारी करने के लिए उनसे 5000 रुपये की रिश्वत मांगी। जाधव ने बताया कि खान ने कहा कि बिना रिश्वत के वह NOC जारी नहीं करेंगे, जिससे निर्माण कार्य रुक जाएगा। इस मांग से परेशान होकर जाधव ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज की।

लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर इंदौर लोकायुक्त इकाई ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। शिकायत के सत्यापन के बाद, लोकायुक्त ने एक ट्रैप दल का गठन किया, जिसमें डीएसपी आनंद चौहान, इंस्पेक्टर विजय चौधरी, और अन्य अधिकारी शामिल थे। ट्रैप दल ने रिश्वत की राशि को रासायनिक पाउडर से चिह्नित किया और जाधव को निर्देश दिया कि वे रिश्वत की राशि देने के लिए मोहम्मद खान से संपर्क करें।

16 जून 2025 को, संजय जाधव ने डिप्टी रेंजर मोहम्मद खान को मांडवा में 5000 रुपये की रिश्वत दी। जैसे ही खान ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान, रासायनिक पाउडर से चिह्नित नोट खान के कब्जे से बरामद किए गए।

लोकायुक्त इंस्पेक्टर विजय चौधरी ने बताया, "आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में खान ने रिश्वत मांगने की बात स्वीकार की है। आगे की जांच जारी है।"

स्थानीय प्रतिक्रियाएं और प्रभाव

लोकायुक्त की इस कार्रवाई से बुरहानपुर जिले के वन विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ग्राम मांडवा के सरपंच और स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई की सराहना की। सरपंच ने कहा, "पुलिया और सड़क का निर्माण हमारे गांव के लिए बहुत जरूरी था। रिश्वत की मांग के कारण यह कार्य रुका हुआ था। लोकायुक्त की कार्रवाई से अब काम जल्द पूरा हो सकेगा।"

संजय जाधव ने लोकायुक्त को धन्यवाद देते हुए कहा, "मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, और लोकायुक्त ने तुरंत कार्रवाई की। यह मेरे लिए और पूरे गांव के लिए एक बड़ी राहत है।"

सोशल मीडिया पर भी इस कार्रवाई की खूब चर्चा हो रही है। X पर एक यूजर ने लिखा, "इंदौर लोकायुक्त की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम है। ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।"

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सक्रियता

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख ने हाल ही में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत इंदौर लोकायुक्त इकाई ने कई हाई-प्रोफाइल ट्रैप कार्रवाइयां की हैं। उदाहरण के लिए:

  • मार्च 2025: इंदौर के एमआईजी थाने के हेड कांस्टेबल अरुण शर्मा को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
  • मई 2022: बुरहानपुर जिला पंचायत की परियोजना अधिकारी सरिता स्वामी को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।
  • ये कार्रवाइयां दर्शाती हैं कि लोकायुक्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सक्रिय है और शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर रही है।

बुरहानपुर में भ्रष्टाचार के मामले

बुरहानपुर जिला, जो इंदौर संभाग का हिस्सा है, पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। जिले में वन विभाग, पंचायत, और अन्य सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। यह ताजा मामला वन विभाग में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है, क्योंकि वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निर्माण कार्यों के लिए NOC जैसे दस्तावेज अक्सर रिश्वत के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रमेश पाटिल ने कहा, "वन विभाग में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुलिया, या अन्य निर्माण कार्यों के लिए NOC लेना एक जटिल प्रक्रिया बन गई है, जिसमें रिश्वतखोरी आम है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई एक शुरुआत है, लेकिन पूरे सिस्टम को सुधारने की जरूरत है।"

विपक्ष का हमला

विपक्षी कांग्रेस ने इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने X पर लिखा, "बुरहानपुर में वन विभाग के अधिकारी का रिश्वत लेते पकड़ा जाना शर्मनाक है। मोहन यादव सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन हकीकत में भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है।"

जवाब में, भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, "लोकायुक्त की यह कार्रवाई हमारी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हम किसी भी दोषी को बख्शेंगे नहीं, चाहे वह कोई भी हो।"

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