MP News: बैतूल में छह महीने पहले हुए अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा, भाभी ने ही करवा दिया देवर का मर्डर
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक महिला ने अपने देवर का हत्या करवा दी है, जिसके पीछे पारिवारिक विवाद की कहानी है। इस मामले में पुलिस ने महिला के भाई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या की साजिश रचने वाली भाभी अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
27 अप्रैल 2024 को थाना कोतवाली बैतूल में सूचना मिली कि मलियाढाना क्षेत्र में श्यामा उइके के खेत में एक अज्ञात व्यक्ति का जला हुआ शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और एफएसएल टीम के साथ वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि शव लगभग 30 वर्षीय व्यक्ति का था, जो अधजली अवस्था में था। मृतक के शरीर और चेहरे पर जलने के गंभीर निशान थे, जिससे उसकी पहचान करना संभव नहीं हो पा रहा था।
इस पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में धारा 302 और 201 भादंवि के तहत प्रकरण क्रमांक 460/24 दर्ज कर विस्तृत विवेचना प्रारंभ की। अज्ञात शव की पहचान के लिए पुलिस ने व्यापक स्तर पर जांच की। आसपास के थाना क्षेत्रों में गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गई और मृतक के हुलिये के आधार पर पहचान के प्रयास किए गए।

जांच के दौरान, थाना झल्लार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गाड़ागोहान से 25 अप्रैल 2024 को शंकर दाहीकर नामक व्यक्ति के गायब होने की सूचना प्राप्त हुई। उसके परिवार से संपर्क कर शव की तस्वीर दिखाने पर परिवार ने उसकी पहचान से इंकार कर दिया। इसके बावजूद, पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ऑनलाइन दर्ज गुमशुदगी की तस्वीर का शव से मिलान किया। संदेह के आधार पर मृतक के प्रिजर्व किए गए सैम्पल और शंकर दाहीकर के परिजनों के ब्लड सैम्पल का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मृतक शंकर दाहीकर ही था।
भाभी से लगातार होता था विवाद, जांच में पाया गया कि मृतक शंकर दाहीकर का उसकी भाभी मनीता से लगातार विवाद होता था। मनीता ने अपने भाई संदीप दाहीकर को शंकर की हत्या करने के लिए उकसाया। इसके बाद 25 अप्रैल 2024 को संदीप दाहीकर अपने साथी नीलेश चौहान के साथ गाड़ागोहान में एक शादी समारोह में गया था। इस शादी से उन्होंने शंकर को शराब पीने के बहाने बुलाया। दोनों आरोपियों ने शंकर को साथ ले जाकर उसे अपने बेल्ट से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद, उन्होंने पेट्रोल खरीदकर शंकर के शव को जलाया और घटना स्थल से फरार हो गए।
घटना के बाद, दोनों आरोपी संदीप दाहीकर (20) निवासी बर्रा कास्या, थाना झल्लार और नीलेश चौहान (20) निवासी बर्रा कास्या, थाना झल्लार महाराष्ट्र भाग गए थे। पुलिस ने दोनों को महाराष्ट्र से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। 19 अक्टूबर 2024 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य षडयंत्रकारी मनीता दाहीकर निवासी गाड़ागोहान, थाना झल्लार फरार है।












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