MP News: नीमच में मादक पदार्थ तस्करी मामले में पुलिस को घेरने की घटना, ग्रामीणों ने किया विरोध
MP News: नीमच जिले के मनासा थाना क्षेत्र के चौकड़ी गांव में मादक पदार्थ तस्करी मामले को लेकर बुधवार को एक विवाद खड़ा हो गया। जब पुलिस की एक टीम मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े मामले में जांच के लिए आरोपी को लेकर चौकड़ी गांव पहुंची, तो गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस का घेराव कर लिया।
गांववालों ने पुलिस वाहन के आगे जेसीबी खड़ी कर दी और उन्हें गांव से बाहर नहीं जाने दिया। इस घटना ने जिले में खलबली मचा दी और पुलिस को अपने कदम पीछे खींचने पर मजबूर होना पड़ा।

यह घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे की है, जब सिंगोली थाना पुलिस की टीम मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले की जांच के लिए आरोपी नीलेश (उम्र 24 वर्ष) को लेकर चौकड़ी गांव पहुंची थी। नीलेश को इस मामले में 54.3 किलोग्राम डोडाचूरा के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को इस संदर्भ में जांच करनी थी और आरोपी को लेकर वे गांव पहुंचे थे। लेकिन गांव के लोग इस पर नाराज हो गए और उन्होंने पुलिस को घेर लिया।
ग्रामीणों का विरोध और आरोप
ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने झूठा मामला बना लिया है। उनका कहना था कि जिस युवक को पकड़ा गया था, उसके पास केवल 30 किलो मादक पदार्थ था, जबकि पुलिस ने उसकी मात्रा को बढ़ाकर 54 किलो कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस मादक पदार्थ तस्करी के नाम पर अवैध वसूली कर रही है और निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पुलिस की जांच प्रक्रिया को रुकवा दिया और आरोप लगाया कि यह साजिश के तहत किया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि पुलिस को इस मामले में स्पष्टता से काम करना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों का दौरा और विधायक का हस्तक्षेप
घटना की सूचना मिलते ही आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने का आदेश दिया। मनासा से भाजपा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। विधायक ने ग्रामीणों से बात की और उनसे शांतिपूर्वक समाधान की अपील की।
इस घटना ने इस मामले को लेकर और भी जटिल बना दिया। मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में अक्सर ऐसी ही स्थितियां पैदा होती हैं, जब आरोपितों और पुलिस के बीच मतभेद होते हैं। इस मामले में भी पुलिस को यह साबित करना होगा कि क्या सच में मादक पदार्थ की मात्रा बढ़ाई गई है या यह आरोप गलत हैं।
तात्कालिक स्थिति
वर्तमान में पुलिस को यह स्थिति नियंत्रित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जेसीबी के जरिए पुलिस को गांव से बाहर निकलने से रोकने की घटना ने पूरी स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है। पुलिस अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और पुलिस वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।












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