Greater Noida Massive Fire Reason: ग्रेटर नोएडा के फर्नीचर मार्केट में कैसे लगी आग? क्या थी वजह? कितना नुकसान?
Greater Noida Massive Fire Reason: ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में शुक्रवार (15 मई) शाम को भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि लपटें कई मीटर ऊंची उठ रही थीं और आसमान में घना काला धुआं छा गया। आसपास का इलाका धुंध में छिप गया। आग ने 4-5 फर्नीचर दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें लाखों रुपये का फर्नीचर, लकड़ी और अन्य सामान जलकर राख हो गया।
पुलिस और प्रशासन ने तुरंत आग पर काबू पाने के लिए कम से कम 8 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजीं। देर शाम तक आग बुझाने और शीतलन का काम जारी रहा। स्थानीय लोगों ने मोबाइल पर जो वीडियो बनाए, उनमें आग की भयावह तस्वीर साफ नजर आ रही है। लपटें छत फोड़कर बाहर निकल रही हैं और चारों तरफ धुएं का गुबार।

कैसे लगी आग?
शाम के समय जब बाजार में सामान्य चहल-पहल थी, तभी अचानक एक दुकान से आग की लपटें उठनी शुरू हुईं। हवा के कारण आग तेजी से फैली और पास की कई दुकानों तक पहुंच गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या विद्युत तंत्र की खराबी बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक जांच अभी जारी है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां रवाना की गईं। आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि फर्नीचर मार्केट में लकड़ी, फोम, कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामग्री भरी हुई थी, जो आग को और भड़काती रही। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ। दुकानदारों और मजदूरों ने समय रहते खुद को बाहर निकाल लिया।
नुकसान का अनुमान?
- 4-5 दुकानों को भारी नुकसान।
- लाखों रुपये का फर्नीचर, रेडीमेड सामान और कच्चा माल जलकर खाक।
- कई दुकानदारों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया।
- आग की वजह से आसपास की दुकानों को भी नुकसान पहुंचा।
NCR में आग की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
- पुरानी इमारतें और विद्युत तंत्र: कई बाजारों और फैक्टरियों में पुरानी वायरिंग है, जो ओवरलोडिंग से शॉर्ट सर्किट का कारण बनती है।
- ज्वलनशील सामग्री: फर्नीचर मार्केट में लकड़ी, पेंट, फोम और कपड़ा, ये सब आग को तेजी से फैलाते हैं।
- गर्मी का मौसम: मई में तापमान 40 डिग्री के पार होने से बिजली की मांग बढ़ती है और शॉर्ट सर्किट की आशंका बढ़ जाती है।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी: कई दुकानों और फैक्टरियों में फायर सेफ्टी उपकरण (अग्निशमन यंत्र, स्प्रिंकलर, निकास मार्ग) या तो नहीं हैं या काम नहीं कर रहे।
फायर सेफ्टी पर सवाल
- ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-NCR में बार-बार आग की घटनाएं फायर सेफ्टी सिस्टम की कमियों को उजागर करती हैं।
- क्या बाजारों में नियमित फायर ऑडिट होते हैं?
- क्या सभी दुकानों में फायर NOC लिया गया है?
- क्या मजदूरों और दुकानदारों को फायर ड्रिल की ट्रेनिंग दी जाती है?
ये सवाल प्रशासन और नगर निगम पर उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों की प्रतिक्रिया
घटना स्थल पर मौजूद दुकानदारों ने बताया कि आग देखकर उनका खून सूख गया। एक दुकानदार ने कहा, 'सब कुछ जल गया। साल भर का सामान, लाखों का नुकसान। अब क्या करें?' स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग की तेजी की तारीफ की, लेकिन कहा कि आग लगने से पहले रोकथाम की व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और जिला प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। प्रभावित दुकानदारों को मुआवजे और मदद का आश्वासन दिया गया है। पुलिस ने आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।













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