कोलकाता में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: 19 हजार करोड़ के प्रस्ताव मिले, CM मोहन यादव का उद्योगपतियों से संवाद
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "बिजनेसमैन के प्रति सरकार की दृष्टि टेढ़ी होती है, इसे बदलना है। हमें उद्योग और निवेश आमंत्रित करना होगा।"
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश की सरकार उद्योगपतियों के लिए "पलक पांवड़े बिछाने" को तैयार है। उन्होंने कहा, "काम कराना है, तो मन बड़ा करना पड़ेगा। अपने काम को बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश आइए।"

डॉ. यादव ने बताया कि इस इंटरेक्टिव सेशन में 19 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश की निवेश संभावनाओं को दर्शाते हैं।
सेक्टोरल संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने माइनिंग, एनर्जी, और टूरिज्म सेक्टर में सहयोग देने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश से कॉटन देशभर में जाता है और रेडीमेड गारमेंट की संभावनाएँ भी हैं। यदि आपने कोयंबटूर में इंडस्ट्री लगाई है, तो मध्य प्रदेश में भी आमंत्रण देते हैं।"
मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल का व्यापारिक तालमेल
सीएम ने दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा, "कोलकाता एक प्रमुख व्यापारिक और वाणिज्यिक केंद्र है। मध्य प्रदेश भी खनिज संसाधनों और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है। दोनों राज्यों के बीच कई उद्योगों, व्यापारिक संस्थानों और कृषि उत्पादों का लेन-देन होता है।"
उन्होंने मध्य प्रदेश के कृषि उत्पादों जैसे सोयाबीन और गेहूं की पश्चिम बंगाल में मांग का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के जूट, चाय, और मछली उत्पाद मध्य प्रदेश में भी लोकप्रिय हैं।

मोहन यादव की राउंड टेबल मीटिंग में महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कोलकाता में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान स्टील, मिश्र धातु निर्माण, लॉजिस्टिक, हौजरी एवं टेक्सटाइल और नैस्कॉम पर केंद्रित राउंड टेबल मीटिंग में महत्वपूर्ण बातें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश से बाहर जाने वाले कच्चे माल का उपयोग राज्य में ही किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश में उत्पादन की श्रृंखला विकसित हो सके। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।

कच्चे माल का स्थानीय उपयोग
डॉ. यादव ने जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश से अन्य स्थानों पर जाने वाले कच्चे माल का उपयोग मध्य प्रदेश में ही किया जाए। उन्होंने कहा, "हमारे प्रयास हैं कि इस कच्चे माल से उत्पादन की श्रृंखला विकसित करें। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।"
निवेश की स्वीकृति की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि निवेशकों को उत्पादन यूनिट की स्थापना के लिए आवश्यक अनुमति और स्वीकृतियाँ शीघ्र प्रदान की जाएंगी। उन्होंने सभी निवेशकों से नीतियों में संशोधन और सुझाव मांगे, ताकि निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।
लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र पर चर्चा
मीटिंग में लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र में नए निवेश और नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इंदौर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क में निवेश के अवसरों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर भी चर्चा की गई।
उद्योग जगत के विशेषज्ञों की आवाज
संदीप घोष, एमपी बिरला ग्रुप के MD ने 70 साल पहले सतना में स्थापित पहले सीमेंट प्लांट का उल्लेख करते हुए कहा, "सतना सीमेंट के नाम से बिरला सीमेंट जाना जाता है। इस दौरान मध्य प्रदेश का जो ट्रांसफार्मेशन हुआ है, वह देखने लायक है।" उन्होंने कोलकाता से भोपाल और जबलपुर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने की आवश्यकता भी जताई।
संजीव पुरी, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश का अनुकूल माहौल है। उन्होंने कहा, "यहाँ के समयानुकूल औद्योगिक नीतियाँ उद्योग के साथ-साथ सामान्य जन के लिए भी अनुकूल हैं।"












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