MP News: अमित शाह देंगे MP को बड़ी सौगात, सांची की होगी नेशनल ब्रांडिंग, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
MP Global Summit Bhopal: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने भोपाल आ रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करेगी।
इस समझौते के तहत, प्रदेश के प्रसिद्ध सांची दूध ब्रांड की राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाएगी। इस समझौते के तहत, सांची ब्रांड की राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा दिया जाएगा। यह ब्रांड पहले ही प्रदेश के भीतर एक विश्वसनीय और लोकप्रिय ब्रांड बन चुका है, और अब इसे पूरे देश में एक मजबूत पहचान मिलेगी। इससे सांची उत्पादों की बिक्री में वृद्धि होगी

सांची ब्रांड की होगी राष्ट्रीय पहचान
मध्य प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि सांची ब्रांड के नाम में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। सांची, जो अब तक प्रदेश के लिए एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय दूध उत्पाद रहा है, अब एनडीडीबी के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाएगा। यह कदम प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के लिए नई संभावनाओं और बाजारों के दरवाजे खोलेगा।
एनडीडीबी के साथ एमओयू और ट्रेनिंग
समझौते के पहले, एमपी स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण पर भेजा गया है। यह प्रशिक्षण उनके लिए उपयोगी होगा, जिससे वे प्रदेश के दुग्ध उद्योग को और अधिक मजबूती दे सकेंगे और उत्पादन में वृद्धि कर सकेंगे।
25 फरवरी को होगी अहम बैठक
यह महत्वपूर्ण सहकारिता अनुबंध 25 फरवरी को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में संपन्न होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य सहयोगात्मक समझौता (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के तहत, प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और तकनीकी सहायता मिलेगी, जो उनकी आय दोगुनी करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का बयान
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस बारे में कहा, "राज्य सरकार ने प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह निर्णय लिया है। यह सहकारिता अनुबंध प्रदेश में दुग्ध उद्योग को न केवल सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के किसानों और उत्पादकों को नए अवसर भी प्रदान करेगा।"
हर ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेंटर की स्थापना
इस एग्रीमेंट के तहत, हर ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल दुग्ध संकलन की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि किसानों को अपने दूध को उचित मूल्य पर बेचने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जाएगी, ताकि दूध की अधिक मात्रा को प्रोसेस किया जा सके।
दुग्ध समितियों की संख्या में वृद्धि
प्रदेश में वर्तमान में 6,000 दुग्ध समितियां कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़ाकर 9,000 किया जाएगा। इस बदलाव से लगभग 18,000 ग्रामों तक दूध संकलन की प्रक्रिया पहुंचेगी। यह पहल छोटे और दूरदराज के गांवों में भी दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाएगी।
दुग्ध संकलन में वृद्धि
दुग्ध संकलन क्षमता को 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश भर में आवश्यक संसाधनों का विस्तार किया जाएगा और प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।
वृद्धि होगी दूध की खरीद में
दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। इस वृद्धि के कारण, प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को एक नया और बेहतर बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी।
दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि
प्रदेश के डेयरी प्लांट की प्रोसेसिंग क्षमता को वर्तमान 18 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। इससे न केवल दूध के प्रसंस्करण की क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि इससे उत्पादकों को भी बेहतर मूल्य मिलेगा।
1500 करोड़ रुपये का निवेश
इस पूरे प्रोजेक्ट में अगले 5 सालों के भीतर लगभग 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे दुग्ध उद्योग की सभी जरूरतें पूरी की जाएंगी और किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों की वार्षिक आय को 1700 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3500 करोड़ रुपये करना है। इस वृद्धि से किसानों की आय में अप्रत्याशित बदलाव आएगा, जो प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।
बीजेपी संकल्प पत्र पर भी होगा अमल
मध्यप्रदेश भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में राज्य में दूध खरीदी तय करने और किसानों को दूध के सही दाम दिलाने का वादा किया था। राज्य सरकार ने इस वादे को प्राथमिकता में लिया है और इस एमओयू के जरिए संकल्प पत्र-2023 पर भी अमल किया जाएगा।
नवीन सुविधाओं का विस्तार
श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ रुपये के निवेश से राज्य भर में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट और चीलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि की जाएगी। इससे प्रदेश में डेयरी सहकारी समितियों और सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा।
सीएम डॉ मोहन यादव का बयान
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा, "राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।"
ग्राहक और किसानों के हित में होंगे सुधार
साथ ही, दुग्ध सहकारी समितियों के किसानों के हितों का संरक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण प्रणाली का विकास किया जाएगा, जिससे किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।












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