मध्य प्रदेश: मंदसौर फायरिंग में 5 किसानों की मौत, 1 करोड़ मुआवजे की घोषणा
मंदसौर में किसानों का आंदोलन जारी है, जहां पर स्थिति काबू से बाहर होने पर पुलिस ने किसानों पर ही फायरिंग कर दी। पुलिस की तरफ से की गई इस कार्रवाई में पांच किसानों की मौत भी हो गई है।
भोपाल। इन दिनों मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। मंदसौर में भी किसानों का आंदोलन जारी है, जहां पर स्थिति काबू से बाहर होने पर पुलिस ने किसानों पर ही फायरिंग कर दी। पुलिस की तरफ से की गई इस कार्रवाई में पांच किसानों की मौत भी हो गई है। इसके अलावा कुछ किसानों के घायल होने की भी खबर है। साथ ही, कुछ संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगाए जाने की भी खबर है।
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और कई इलाकों में कर्फ्यू लगा है। वह बोले कि अगर कल स्थिति काबू में नहीं हुई तो कल भी कर्फ्यू लागू रहेगा। इससे पहले उन्होंने कहा था कि पुलिस ने फायरिंग के कोई आदेश नहीं दिए थे। साथ ही उन्होंने इस फायरिंग की जांच के आदेश दे दिए थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार ने ना तो कहीं पर इंटरनेट बंद किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश भी दे दिए हैं। वहीं कांग्रेस के राहुल गांधी ने कहा है- BJP के न्यू इंडिया में हक़ मांगने पर हमारे अन्नदाताओं को गोली मिलती है? सरकार देश के किसानों के साथ युद्ध कर रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार किसानों के साथ है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने षड़यंत्र के तहत हिंसा भड़काने का काम किया है, बहुत से कांग्रेस के नेताओं ने ऐसा किया। उन्होंने मरने वालों के परिवार को पहले 5 लाख, फिर 10 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की, लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए कर दिया गया है और गंभीर रूप से घायल लोगों को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने मंदसौर की फायरिंग में मरने वालों को 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमने मध्य प्रदेश के लोगों से किसानों के साथ हुई घटना पर किसानों का समर्थन करने को कहा है। वह बोले कि कल मध्य प्रदेश पूरी तरह से बंद होना चाहिए।

इंटरनेट सेवाएं की गईं बंद
मंदसौर में इंटरनेट सेवाएं भी सस्पेंड कर दी गई हैं। इसके अलावा रत्लाम और उज्जैन में भी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। यह सब किसानों की तरफ से किए जा रहे आंदोलन के चलते किया गया है। आपको बता दें कि कल राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने राज्य बंद का आह्वान किया है। आंदोलन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में कई किसान घायल हुए हैं।

क्यों हो रहा है ये आंदोलन?
कई राज्यों के किसान 1 जून से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ये आंदोलन अपनी उपज के लिए उचित दाम न मिलने और कर्ज माफ न होने की वजह से कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि उनका कर्ज माफ किया जाना चाहिए और साथ ही उनकी फसल के लिए सरकार की तरफ से उचित दाम दिया जाना चाहिए।

शिवराज सिंह पर धोखा देने का आरोप
राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए रैली निकाली है और शिवराज सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने किसानों के साथ धोखा दिया है। आपको बता दें कि भाजपा सरकार की तरफ से चुनाव से पहले किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में सभी किसानों के कर्ज माफ नहीं हुए, जिसके चलते किसान खुद को ठगा हुआ मान रहे हैं और भाजपा सरकार से नाराज हैं।

आश्वासन के बाद भी नहीं रुका आंदोलन
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को उज्जैन में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में उन्होंने किसानों की कई मांगें मान ली थीं। शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया था कि प्याज 8 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदी जाएगी, मंडी में किसानों की फसल का 50 फीसदी भुगतान नकद कर दिया जाएगा और बाकी बची राशि को बैंक में जमा कराया जाएगा। साथ ही, मूंग को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने का आश्वासन दिया था।

सब्जी, दूध की दिक्कत बढ़ी
किसानों ने आंदोलन के तहत हजारों लीटर दूध सड़कों पर बहा दिया है। इतना ही नहीं, कई जगहों पर तो सब्जी और फल भी सड़क पर फेंककर किसानों ने अपनी नाराजगी जताई है। यह सिर्फ मध्य प्रदेश में नहीं हो रहा है, बल्कि कई राज्यों के अलग-अलग हिस्सों से किसानों द्वारा आंदोलन किए जाने की खबरें आ रही हैं।












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