MP News: खुद को IRS अफसर बताकर 25 से ज्यादा युवतियों को ठगने वाला गिरफ्तार, UPSC कोचिंग टीचर को भी नहीं छोड़ा
उज्जैन में खुद को भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) का अधिकारी बताकर युवतियों को ठगने वाले शख्स की करतूत ने सभी को चौंका दिया है। आरोपी सर्वेश कुमावत, जो जयपुर के विद्याधर नगर में एक होटल में एक युवती से मिलने आया था, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
उसने अपने झूठे प्रोफेशनल स्टेटस का इस्तेमाल करके 25 से ज्यादा युवतियों को ठगा, जिनमें से 21 सरकारी कर्मचारी थीं। इसके साथ ही उसने कोचिंग टीचर तक को धोखा दिया, जिसे उसने अपने झूठे सम्मान से प्रभावित कर लिया था।

कोचिंग टीचर को भी धोखा दिया
सर्वेश कुमावत ने 2019 में उज्जैन शहर की महाकाल वाणिज्य कॉलोनी स्थित 'युग निर्माण सिविल सर्विस एकेडमी' में यूपीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग जॉइन की थी। कोचिंग के संचालक राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि सर्वेश ने एडमिशन के समय फीस माफ करने की अपील की थी, जिसे उसने अपने पिता की मौत और पारिवारिक कठिनाइयों का हवाला देकर मना लिया था। हालांकि, वह कोचिंग में चार महीने तक नियमित नहीं आया और इसके बाद पूरी तरह से गायब हो गया।
युवतियों से चैटिंग करके ठगी
सर्वेश ने खुद को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का जोनल डायरेक्टर बताकर सोशल मीडिया पर युवतियों से संपर्क किया। इसके बाद वह अपने झूठे प्रभाव का इस्तेमाल करता था, उन्हें विभिन्न तरह के झांसे देकर पैसों की मांग करता था। पुलिस को उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक चैट्स भी मिलीं, जिसमें उसने युवतियों से लाखों रुपये ठगे थे।

गिरफ्तारियां और पुलिस की कार्रवाई
जयपुर पुलिस ने सर्वेश कुमावत को अजमेर रोड स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया, जब वह एक युवती से मिलने के लिए वहां पहुंचा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की और पता चला कि वह अब तक 25 से ज्यादा युवतियों को ठग चुका है। इन युवतियों में 21 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं, जिनसे उसने बड़ी रकम हड़पी थी।
पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस ने बताया कि सर्वेश कुमावत, जो उज्जैन के झारड़ा गांव का रहने वाला है, ने युवतियों से चैट के माध्यम से संपर्क किया और उन्हें अपनी झूठी पहचान और पद का हवाला देते हुए उनके पैसे हड़प लिए। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के बाद कई अहम जानकारियां मिली हैं।
कैसे पकड़ा गया सर्वेश?
एनसीबी की महिला सब इंस्पेक्टर कृतिका गोयल ने विद्याधर नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि सर्वेश ने एक युवती को मैसेज भेजकर खुद को एनसीबी जयपुर का जोनल डायरेक्टर बताया। युवती ने सर्वेश की बातों को संदेहास्पद पाया और उसे इस बारे में जानकारी दी। एनसीबी की जांच में यह सामने आया कि सर्वेश द्वारा बताए गए नाम का कोई एनसीबी अधिकारी नहीं था।
जांच के बाद, पुलिस ने सर्वेश के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और उसकी लोकेशन जयपुर में पाई। इसके बाद, एनसीबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई की और उसे जयपुर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।
सर्वेश की फर्जी पहचान और ठगी की जानकारी
सर्वेश के मोबाइल की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। उसके फोन में उज्जैन की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से प्राप्त बीए डिग्री का रिकॉर्ड मिला। साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच में यह पता चला कि वह 25 से ज्यादा महिलाओं के साथ आपत्तिजनक चैट कर चुका था और उन महिलाओं से लाखों रुपए हड़पे थे।
महिलाओं से ठगी का तरीका
सर्वेश का ठगी का तरीका बेहद चालाक था। वह महिलाओं को यह बताता था कि उसका बैंक अकाउंट बड़े ट्रांजेक्शन के कारण ब्लॉक हो गया है और अब उसे अर्जेंट जरूरत है। इस बहाने वह उनसे पैसे मांगता था। सर्वेश महिलाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए कई बार मोबाइल एप्स के जरिए फर्जी राजस्व विभाग के ऑर्डर भी बनाता था।
पुलिस अब उन महिलाओं से संपर्क करने का प्रयास कर रही है, जो सर्वेश के झांसे में आई थीं, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
सर्वेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसकी पूरी नेटवर्क और उसकी ठगी की शिकार महिलाओं की पहचान करने में लगी हुई है। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे होंगे। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह के झूठे और धोखेबाज लोगों से सावधान रहें, जो अपनी झूठी पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं।












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