MP News: जल्दी करें, आसानी से बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस, कहां लगे हैं कैंप, जानिए

मध्यप्रदेश के इंदौर में मुख्यमंत्री जनकल्याण का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान के चलते युवाओं के लिए कॉलेजों में शिविर लगाकर ड्राईविंग लायसेंस बनाये जा रहे है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को सड़क सुरक्षा अग्रदूत के रूप में तैयार किया जा रहा है।

होलकर साईंस कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में 400 युवाओं को सड़क सुरक्षा अग्रदूत के रूप में प्रशिक्षित किया गया। साथ ही उन्हें क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने हेलमेट वितरित किए।उन्हें आदर्श वाहन चालक बनने तथा अन्य नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।

Indore

आवास फ़ाइनेंशियर्स लिमिटेड राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस एवं शासकीय होल्‍कर साईंस कॉलेज इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आवास यूथ सड़क सुरक्षा से संबंधित शिक्षा, जागरूकता एवं अनिवार्यता अभियान के अन्तर्गत आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण में भाग लेने वाले साइंस के अध्ययनरत 400 प्रशिणार्थियों को श्री प्रदीप कुमार शर्मा ने आदर्श वाहन चालक बनने एवं सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनकर सड़क सुरक्षा संदेश अन सड़क उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाने की शपथ दिलाई।

प्रशिक्षण समाप्ति पर सड़क सुरक्षा सन्देश लिखे आईएस 4151 मानक के स्टीलबर्ड निर्मित हेलमेट वितरित किए गए। शर्मा ने राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी एवं आवास फाइनेन्सियर्स लिमिटेड टीम का इंदौर में इस तरह का पहला कार्यक्रम आयोजित करने पर आभार व्यक्त किया।

सहायक उपायुक्त यातायात अरविंद तिवारी ने सभी को सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनकर इस अभियान की थीम सुरक्षित भारत के लिए युवा जागृत-देश जागृत, युवा सुरक्षित-देश सुरक्षित के लिए संकल्प लेकर कार्य करने की अपील की। इंदौर शहर को स्वच्छ शहर की तरह दुर्घटना मुक्त शहर बनाने में की भी अपील की। सोसायटी के परियोजना समन्वयक भरतराज गुर्जर ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि सड़क सुरक्षा अनुकूल व्यवहार अपनाए जाने के लिए सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनाये जाने की आवश्यकता है अब तक सोसायटी द्वारा 90 हज़ार सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनाकर उन्हें हेलमेट वितरित किये गए है। राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी पूरे देश में सुरक्षित सड़कें - समृद्ध भारत पर कार्य कर रही है

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा पुरस्कार प्राप्त सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एआरटीओ राजस्थान डॉ. वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने सड़क सुरक्षा नियमों व विभिन्न प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता के साथ आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रेरित करने की जरूरत है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत संकल्प के साथ सड़क हादसों रहित राष्ट्र का निर्माण करने के लिए साझा प्रयास किये जाए। सड़क सुरक्षा चक्र को विस्तार से उन्होंने बताते हुए वाहन के बारे में जानकारी ,सड़क की भाषा/सिग्नल,रोड चिह्न ,रोड मार्किंग चालक के कर्तव्य ,सड़क पर प्रथम अधिकार ,गुड समेरिटन,ड्राइविंग चालीसा सहित अपराध एवं शास्तियाँ के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि, सांइस के विद्यार्थियों को सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक पद्धति से अनुसंधान, विश्लेषण एवं पुनर्संरचना में अब महत्वपूर्ण भूमिका है।

आवास फ़ाइनेंशियर्स लि. के जोनल हेड संदीप पण्डया ने ध्येय वाक्य सपने आपके साथ हमारा के तहत युवाओं को सडक दुर्घटनाओं से हताहत होने से रोकने के लिए यह अभियान चला रखा है। जिसके तहत अब तक राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के सहयोग से 23 हज़ार हेलमेट प्रशिक्षण के बाद दिये गए है। इस वर्ष 8 हज़ार हेलमेट देने की योजना है।

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