पुलिस थाने में DSP बेटी को सैल्यूट करते हैं SI पिता, घर पर खाते हैं इसी लाडो के हाथ का बना खाना
सीधी। तस्वीर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) शाबेरा अंसारी और उनके पिता सब इंस्पेक्टर (एसआई) अशरफ अली की है। खास बात है कि पिता और बेटी दोनों एक ही पुलिस थाने में तैनात है। पद के लिहाज से पिता पुलिस थाने में बेटी को सैल्यूट मारते हैं और रिश्ते के चलते घर पर इसी लाडली बेटी के हाथों का बना खाना खाते हैं।
हर किसी पिता को गर्व करवाने वाली यह स्टोरी मध्य प्रदेश के सीधी जिले के मझौली पुलिस थाने की है। पिता-बेटी के एक ही पुलिस थाने में कार्यरत होने के पीछे वजह लॉकडाउन है।

पुलिस अफसर बेटी-पिता की जोड़ी है यूपी की
दरअसल, हुआ यूं कि मूलरूप से यूपी के बलिया के रहने वाले अशरफ अली मध्य प्रदेश के इंदौर के लसूड़िया थाने में सब इंस्पेक्टर के पद पर सेवा दे रहे हैं। वहीं, अशरफ अली की बेटी शाबेरा अंसारी बतौर प्रशिक्षु डीएसपी सीधी जिले के आदिवासी बाहुल्य पुलिस थाना मझौली में प्रभारी के रूप में तैनात है।

लॉकडाउन में फंस गए थे पिता
पिछले दिनों एसआई अशरफ अली बलिया गए थे। इंदौर डयूटी पर लौटते समय अशरफ अली बेटी से मिलने सीधी जिले पहुंच गए। इसी दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन घोषित हो गया। अशरफ अली वहीं फंस गए। इस पर पुलिस मुख्यालय ने लॉकडाउन की वजह से उन्हें स्थानीय थाने मझौली में ही ड्यूटी करने का आदेश दिया।

कोरोना के खिलाफ संभाल रखा मोर्चा
मझौली पुलिस थाने की इंचार्ज उनकी बेटी शाबेरा अंसारी है। ऐसे में पिता-बेटी एक ही पुलिस थाने में सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ दोनों ने मोर्चा संभाल रखा है। बीस-बीस घंटे तक सेवाएं दे रहे हैं। पद में जूनियर होने के नाते पुलिस थाने में पिता बेटी को सैल्यूट मारते हैं और घर जाकर उनकी लाडली उन्हें खाना बनाकर खिलाती है।

पहले बेटी भी थी एसआई
बता दें कि बेटी शाबेरा अंसारी भी पहले पिता की तरह मध्य प्रदेश पुलिस में एसआई थी। वर्ष 2018 में डीएसपी पद पर तैनात हुई। दिसम्बर 2019 से प्रशिक्षण पर है। शाबेरा अंसारी 2013 में सब इंस्पेक्टर पद पर चयनित हुईं और 2016 में सेवा देनी शुरू कर दी। साथ में वह पीएससी की तैयारी भी करती रहीं। 2016 में उन्होंने पीएससी की परीक्षा पास कर ली और 2018 में डीएसपी के रूप में चयन हुआ।












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