Damoh Assembly: भाजपा से मलैया पिता-पुत्र दोनों दावेदार, पार्टी किसी को भी टिकट दे सकती है!
मप्र विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान दमोह विधानसभा में भाजपा के टिकट को लेकर अजीब तरह की स्थिति बनकर सामने आ रही है। दरअसल यहां पूर्व मंत्री जयंत मलैया और उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया दोनों ही टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं, हालांकि सिद्धार्थ ने खुद आगे आकर टिकट नहीं मांगा है। इधर बताया जा रहा है कि भाजपा ने जो आंतरिक सर्वे कराया है, उसमें 75 की उम्र पार कर चुके जयंत मलैया के जीतने की प्रबंधन संभावना निकलकर सामने आई है।

बुंदेलखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर हर विधानसभा में अलग-अलग समीकरण सामने आ रहे हैं। इनमें दमोह विधानसभा को लेकर भाजपा ने सर्वे कराया था, चूंकी यह सीट पार्टी पिछले चुनाव व उपचुनाव में हार गई थी, इस कारण भाजपा का यहां विशेष ध्यान है। दूसरी और पार्टी के अंदर जयंत मलैया के बेटे की बगावत और उसके बाद बनी स्थिति को डैमेज कंट्रोल कर लिया गया है। चूंकी पार्टी ने 70 पार के नेता को प्रत्याशी न बनाए जाने के नियम को मप्र में लागू नहीं किया है, इस कारण जयंत मलैया के चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई हैं। हालांकि वे अपने बेटे सिद्धार्थ मलैया को राजनीति में आगे करना चाहते हैं। सिद्धार्थ का दमोह की राजनीति में खासा दखल है और प्रभाव है। अब यह पार्टी को तय करना है की वह मलैया परिवार से किसे टिकट दे सकती है।
कांग्रेस से भाजपा में आए राहुल लोधी की संभावना कम
बता दें कि बीते 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के युवा प्रत्याशी राहुल लोधी ने भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री जयंत मलैया को करारी शिकस्त दी थी। बाद में सिंधिया की भाजपा में एंटी के बाद राहुल लोधी ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली थी। 2020 में हुए उपचुनाव में पार्टी ने विधायक राहुल लोधी को भाजपा से उम्मीदार बनाया था, लेकिन कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी अजय टंडन ने उनको हरा दिया। हार के तुरंत बाद राहुल लोधी ने अपनी हार के पीछे मलैया परिवार को जिम्मेदार ठहराया था।












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