MP News: पुलिस ने RTO के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और सहयोगी चेतन गौर की हिरासत के बाद अब खुलेंगे कई राज
MP News: मध्य प्रदेश के आरटीओ विभाग के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन गौर को लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया। सौरभ शर्मा को लोकायुक्त कार्यालय के बाहर से पकड़ा गया, जिसके बाद उससे करीब 5 घंटे तक पूछताछ की गई।
पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। कुछ देर बाद, उसके सहयोगी चेतन गौर को भी कोर्ट में लाया गया, जहां कोर्ट में उनके खिलाफ बहस चल रही थी। इसके बाद, सौरभ के एक और साथी शरद जायसवाल ने मंगलवार को अपने वकील के साथ लोकायुक्त में बयान दर्ज कराया और फिर उसे भी हिरासत में ले लिया गया। इस घटनाक्रम ने कानून और न्याय की प्रक्रिया के तहत बड़ा मोड़ लिया है।

सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी पर विवाद
सौरभ शर्मा के वकील राकेश पाराशर ने उनकी गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए लोकायुक्त पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्हें असंवैधानिक तरीके से गिरफ्तार किया गया। पाराशर ने कहा कि सौरभ कोर्ट के आदेश पर 11 बजे हाजिर होने वाला था, लेकिन लोकायुक्त पुलिस ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि सौरभ ने सोमवार को कोर्ट में खुद उपस्थित होकर सरेंडर करने का आवेदन दिया था। पाराशर ने इस मामले में लोकायुक्त पुलिस के खिलाफ कोर्ट में आवेदन भी दायर किया।
ईडी की नजरें सौरभ शर्मा पर
सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ईडी फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति में है, यानी वे मामले की जांच की प्रगति का इंतजार कर रहे हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, लोकायुक्त पुलिस के द्वारा सौरभ शर्मा पर की जा रही जांच के परिणामों को देखने के बाद वे तय करेंगे कि उसे रिमांड पर लिया जाए या नहीं। इसके साथ ही, ईडी ने सौरभ शर्मा के घर पर हुई छापेमारी के परिणामों की जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और सामग्री का वेरिफिकेशन सौरभ की मौजूदगी में किया जाएगा।
सौरभ शर्मा के पार्टनर शरद जायसवाल भी हिरासत में, लोकायुक्त की पूछताछ जारी
मध्य प्रदेश के आरटीओ विभाग के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन गौर के बाद, अब उनके पार्टनर शरद जायसवाल को भी लोकायुक्त पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शरद जायसवाल अपने वकील के साथ लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्हें पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया।
शरद जायसवाल की हिरासत
लोकायुक्त के वकील सूर्यकांत बुझाड़े ने बताया कि शरद जायसवाल के एड्रेस पर पहले ही नोटिस चस्पा किया गया था, जिसमें उन्हें 27 तारीख को लोकायुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था। शरद ने इस नोटिस का पालन करते हुए स्वयं लोकायुक्त कार्यालय में जाकर अपना बयान दर्ज कराया। बयान के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई और सौरभ शर्मा की पूछताछ
लोकायुक्त के डीजी जयदीप प्रसाद ने बताया कि सौरभ शर्मा की हिरासत में पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सौरभ शर्मा को विधिवत गिरफ्तारी के बाद 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि सौरभ शर्मा के खिलाफ किस-किस मामले में पूछताछ हो रही है, और कहां-कहां वह अब तक रहा।
सौरभ को जान का कोई खतरा नहीं
लोकायुक्त पुलिस ने यह भी कहा कि सौरभ शर्मा को किसी भी प्रकार का जान का खतरा नहीं है। हालांकि, पूछताछ की वीडियोग्राफी को लेकर लोकायुक्त डीजी ने साफ तौर पर इनकार किया। यह मामला अब तक कई एजेंसियों की जांच के दायरे में है, और आने वाले समय में सौरभ की हिरासत के दौरान की गई पूछताछ के परिणामों से इस पूरे मामले की दिशा और भी स्पष्ट हो सकती है।












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