MP News: कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान के बाद, मंत्री विजय शाह BJP कार्यालय तलब, कैसे लगी फटकार
Minister Vijay Shah News: मध्य प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह एक बार फिर अपने विवादित बयान के कारण सुर्खियों में हैं। ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दी गई उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।
इस बयान के बाद उन्हें भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय तलब किया गया, जहां उन्होंने संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, शाह ने अपने बयान पर खेद प्रकट किया, लेकिन उन्हें तल्ख लहजे में अनुशासन में रहने की हिदायत दी गई।

Controversial statement: क्या था विवादित बयान?
महू विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "जिन्होंने हमारी बहनों के सिंदूर उड़ाने की कोशिश की, उन कटे-पिटे लोगों को हमने उनकी बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।" यह बयान कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका का अप्रत्यक्ष उल्लेख करते हुए दिया गया था, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई। इस टिप्पणी को अपमानजनक और महिला सैन्य अधिकारियों के प्रति असंवेदनशील माना गया।
BJP कार्यालय में तलब, खेद के साथ हिदायत
सूत्रों के अनुसार, विजय शाह को उनके बयान के बाद तत्काल भोपाल बुलाया गया। प्रदेश भाजपा कार्यालय में संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने उनसे मुलाकात की। शाह ने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने सफाई दी, "मेरा पारिवारिक बैकग्राउंड भी सेना से जुड़ा है। मैंने पहलगाम की पीड़ित बहनों के दर्द को ध्यान में रखकर बयान दिया था। अगर जोश में कुछ गलत निकल गया, तो मैं माफी मांगने को तैयार हूं।"
हालांकि, हितानंद शर्मा ने उन्हें सख्त लहजे में समझाइश दी और भविष्य में ऐसी बयानबाजी से बचने की हिदायत दी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है, क्योंकि यह सेना और महिला सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि यह विवाद 2023 की तरह बढ़े, जब शाह को एक अन्य विवादित बयान के बाद इस्तीफा देना पड़ा था।
Controversial statement: कांग्रेस का हमला, इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने इस बयान को लेकर विजय शाह पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे "नीच और शर्मनाक" करार देते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की है। @ssrajputINC ने X पर लिखा, "भाजपा अपने वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय शाह को उनके निर्लज्ज बयान के लिए बर्खास्त करे, वरना माना जाएगा कि यह भाजपा की सोच को दर्शाता है।"
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा, "विजय शाह का बयान न केवल कर्नल सोफिया का अपमान है, बल्कि यह सेना और देश की बेटियों का अपमान है। बीजेपी को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।" पार्टी कार्यकर्ताओं ने भोपाल और इंदौर में प्रदर्शन की योजना बनाई है, और इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी है।
विजय शाह का विवादों से पुराना नाता
- 2013: तत्कालीन मंत्री साधना सिंह पर डबल मीनिंग टिप्पणी के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
- 2023: झाबुआ में छात्राओं के सामने आपत्तिजनक बयान, जिसके बाद बीजेपी ने खुद को अलग कर लिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस्तीफा मांगा।
- 2024: खंडवा में डाक विभाग को लेकर दिए गए सुझाव और "चिकन पार्टी" विवाद।
- जनवरी 2025: ग्वालियर में एक अन्य बयान पर विवाद।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
हालांकि, कुछ समर्थकों ने शाह का बचाव किया। @BJP4MPFan ने लिखा, "विजय शाह ने जोश में गलती की, लेकिन उनका इरादा गलत नहीं था। कांग्रेस इसे तूल दे रही है।" यह पोस्ट अल्पमत में रही, क्योंकि ज्यादातर यूजर्स ने बयान को असंवेदनशील माना।
पार्टी की मुश्किल, सेना का सम्मान दांव पर
बीजेपी के लिए यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि यह सेना की वीरता और महिला सैन्य अधिकारियों के सम्मान से जुड़ा है। ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने देश का गौरव बढ़ाया, को लेकर जनता में गर्व की भावना है। ऐसे में शाह का बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।
शाह की सफाई, लेकिन नाकाफी
विजय शाह ने भोपाल में पत्रकारों से कहा, "सोफिया मेरी सगी बहन से बढ़कर हैं। अगर मेरी बातों से किसी को ठेस पहुंची, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।" लेकिन उनकी इस सफाई को नाकाफी माना जा रहा है।
क्या होगा आगे?
- पार्टी की कार्रवाई: सूत्रों के अनुसार, बीजेपी शाह को मंत्रिमंडल से हटाने या निलंबन जैसे कदम पर विचार कर सकती है, जैसा 2013 और 2023 में हुआ था।
- कांग्रेस का दबाव: कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा और सड़कों पर उठाएगी। भोपाल में प्रदर्शन की योजना है।
- सेना का रुख: अभी तक सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सैन्य हलकों में इस टिप्पणी को लेकर नाराजगी की खबरें हैं।
अनुशासन या इस्तीफा?
विजय शाह का विवादित बयान एक बार फिर बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर गया है। हितानंद शर्मा की फटकार और शाह का खेद इस मामले को शांत करने के लिए काफी नहीं दिख रहा। कर्नल सोफिया कुरैशी जैसे राष्ट्रीय नायकों के सम्मान और सेना की गरिमा से जुड़ा यह मुद्दा बीजेपी को कठघरे में खड़ा कर रहा है।
क्या शाह को फिर से इस्तीफा देना पड़ेगा, या पार्टी इसे केवल चेतावनी देकर टाल देगी? भोपाल से लेकर दिल्ली तक इस सवाल का जवाब तलाशा जा रहा है। जनता और सोशल मीडिया की नजर अब बीजेपी के अगले कदम पर टिकी है। विजय शाह के लिए यह एक और सबक हो सकता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वे इसे सीख पाएंगे?












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