MP News: किसानों के सब्र का इम्तिहान अब बंद हो, जीतू पटवारी का टमाटर संकट पर सरकार को अल्टीमेटम
MP News: मध्य प्रदेश के किसानों की व्यथा एक बार फिर सामने आई है। छतरपुर सहित कई जिलों में टमाटर उत्पादक किसान भयानक संकट का सामना कर रहे हैं। खेतों में लहलहाते टमाटर अब सड़ने को मजबूर हैं और किसान इन्हें मवेशियों को खिला रहे हैं। वजह? बाज़ार में टमाटर का भाव 3 से 4 रुपये प्रति किलो तक गिर चुका है - जो लागत मूल्य से भी कम है।
इस गंभीर स्थिति को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को सरकार पर तीखा हमला बोला और पांच ठोस मांगें रखीं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, "किसान कोई याचक नहीं है, वह इस देश का अन्नदाता है। उसकी मेहनत की फसल मिट्टी में मिल जाए और सरकार चुप बैठी रहे, यह अन्याय है।"

"टमाटर का संकट प्राकृतिक नहीं, बल्कि सरकारी नीतिगत विफलता का नतीजा"
पटवारी ने कहा कि छतरपुर के किसान जिंदा हैं, लेकिन उनकी उम्मीद मर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि यह संकट केवल छतरपुर तक सीमित नहीं, बल्कि मालवा, निमाड़ और बुंदेलखंड के जिलों में भी यही स्थिति है। पन्ना, टीकमगढ़, मंदसौर, रतलाम, धार जैसे जिलों में भी किसान टमाटर उपजाते हैं, लेकिन हर साल बाजार और मूल्य की मार झेलते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अब तक प्रदेश में न तो कोई मूल्य नियंत्रण नीति बनी है और न ही सब्जी उत्पादक किसानों के लिए कोई संरचना तैयार की गई है।
कांग्रेस की सरकार से 5 प्रमुख मांगें
- टमाटर व सब्ज़ी उत्पादकों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा की जाए।
- प्रत्येक जिले में सरकारी खरीदी केंद्र स्थापित किए जाएं।
- प्रभावित किसानों को राहत पैकेज दिया जाए, नुकसान की भरपाई प्रति क्विंटल के हिसाब से हो।
- प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज व फूड पार्क्स स्थापित किए जाएं।
- दीर्घकालिक सब्ज़ी कृषि नीति लागू की जाए, जिससे किसान मंडी और मूल्य संकट से बाहर आ सकें।
MP News: गेहूं, धान और सोयाबीन के किसानों की भी सुनवाई हो
टमाटर के अलावा जीतू पटवारी ने गेहूं, धान और सोयाबीन उत्पादकों के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि इन फसलों की सरकारी खरीदी में साल दर साल देरी और गड़बड़ी आम बात हो चुकी है। ई-उपार्जन पोर्टल की बार-बार खराबी, तौल में गड़बड़ी और दलालों की मिलीभगत ने किसान को तोड़कर रख दिया है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट पूछा कि गेहूं के लिए ₹2700, धान के लिए ₹3100 और सोयाबीन के लिए ₹6000 प्रति क्विंटल की दर कब से लागू की जाएगी?
MP News: कांग्रेस की सरकार आई तो लागू होगी किसान न्याय नीति
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार आने पर प्रदेश में 'किसान न्याय नीति' लागू की जाएगी, जिसमें: हर प्रमुख फसल के लिए कानूनी रूप से MSP तय किया जाएगा। किसानों को बीमा, बोनस और मूल्य संरक्षण मिलेगा ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट्स व सीधी मंडी कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी।












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