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सुषमा स्वराज के संसदीय क्षेत्र में कमलनाथ ने किया फोकस, वजह ये रही, क्या मिलेगा कांग्रेस को फायदा

By Bavita Jha
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    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है। मध्य प्रदेश पीसीसी चीफ कमलनाथ एक के बाद एक अपने राजनैतिक पत्ते खोल रहे हैं। कमलनाथ दिग्गजों के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी में है, जिसकी शुरुआत उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संसदीय क्षेत्र विदिशा से कर दी है। पहले कमलनाथ से आज वहां रैली को तो 17 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वहां चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। कमलनाथ ने 2 सितंबर को विदिशा के गंजबसौदा में जनसभा की और सरकार की खामियां को उजागर किया। शिवराज के गढ़ में कमलनाथ से जनता के सामने सरकारी की खामियों को उजागर कर दिया।

     सुषमा के संसदीय क्षेत्र पर कमलनाथ का फोकस

    सुषमा के संसदीय क्षेत्र पर कमलनाथ का फोकस

    आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज विदिशा से सांसद हैं, लेकिन लंबे वक्त से वो अपने संसदीय क्षेत्र से दूर हैं। क्षेत्र का कामकाज उनके स्टाफ और स्थानीय बीजेपी नेता देखते हैं। इस वजह से विदिशा विकास में पिछड़ गया है, जिसे कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस विकास के मुद्दे पर ही यहां सरकार को घेरने का प्लान बना रही है। कमलनाथ के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी यहां चुनावी सभा करेंगे। कमलनाथ उसके बाद विदिशा में 17 सितंबर को राहुल गांधी की सभा कराने की तैयारी जोरों पर है। वहीं एमपी में कांग्रेस की समान संभाल रहे कमलनाथ विधानसभा के मद्देनजर लगातार सभाएं कर रहे हैं। अब तक 1 दर्जन से ज्यादा जिलों का दौरा कर चुके हैं। इसी दौरान शनिवार को कमलनाथ ने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कांग्रेस में शामिल होने का न्योता दे दिया।

     सुषमा का मोहभंग!

    सुषमा का मोहभंग!

    विदिशा से सांसद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पिछले तीन साल से यहां नहीं पहुंची है। पहले गंभीर बीमारी के चलते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने क्षेत्र से दूरी बना ली थी, लेकिन स्वस्थ होने के बाद से भी वो एक बार भी विदिशा नहीं पहुंची। इसी दूरी की वजह से विदिशा विकास में पिछड़ गया है। आपको बता दें कि विदिशा भाजपा का गढ़ रहा है। 1991 में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संसद रहे। फिर 1991 से 2006 तक शिवराज सिंह चौहान यहां से पांच बार सांसद रहे हैं। विदिशा को शिवराज का गढ़ माना जाता है। शिवराज ने मुख्यमंत्री बनने के बाद सीट छोड़ी, तब रामपाल सिंह सांसद बने। इसके बाद 2009 से सुषमा स्वराज यहां से सांसद हैं।

     शिवराज को घेरने में जुटे कमलनाथ

    शिवराज को घेरने में जुटे कमलनाथ

    आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घेराबंदी शुरू कर दी है। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ, कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी विदिशा में भाजपा सरकार की मुश्किलें बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। वो लगातार प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं। भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर कर रहे हैं।

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    English summary
    Congress Leader KamalNath Focus on Sushma Swaraj's constituency, Vidisha,Madhya Pradesh, Here is the reason.

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