MP News: सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी पर मुकेश नायक का आरोप, गोविंद सिंह राजपूत और भूपेन्द्र सिंह पर जांच की मांग
Bhopal News: मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नायक ने कहा कि सौरभ शर्मा के प्रकरण में स्पष्ट रूप से यह दिख रहा है कि मामले को रफा-दफा करने की कोशिश हो रही है और उच्च स्तरीय नेताओं को बचाने की पूरी साजिश चल रही है। नायक ने यह भी आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में मंत्री स्तर के नेताओं की गिरफ्तारी नहीं हो रही है, जबकि देश के अन्य राज्यों में मुख्यमंत्री स्तर के नेताओं तक को गिरफ्तार किया गया है।

सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी और गोविंद सिंह राजपूत पर आरोप
नायक ने गोविंद सिंह राजपूत, जो परिवहन मंत्री रह चुके हैं, पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सौरभ शर्मा की नियुक्ति में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया था। नायक का कहना है कि भूपेन्द्र सिंह ठाकुर, जो भी इस अवधि में परिवहन मंत्री रहे, उन दोनों का इस नियुक्ति में सीधा हाथ था। सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर उन्होंने सरकारी नियमों की अनदेखी की और यह नियुक्ति उन लोगों के लिए की जिन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए लम्बे समय से इंतजार कर रहे थे।
नायक ने आरोप लगाया कि सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी के बाद 41 दिन तक वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे और यह मामला काफी संदिग्ध बन चुका है। उनके दुबई से लौटने के बाद वे किसके संरक्षण में यहां रहे, यह एक बड़ा जांच का विषय है। नायक ने गोविंद सिंह राजपूत की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी से पहले यह स्पष्ट हो जाए कि किसके संरक्षण में सौरभ शर्मा रहे थे।
गोविंद सिंह राजपूत पर गंभीर आरोप
मुकेश नायक ने पूर्व में गोविंद सिंह राजपूत पर एक और गंभीर आरोप लगाया। नायक ने कहा कि राजपूत का एक पुराना प्रकरण है, जिसमें 2016 में मानसिंह पटेल नामक एक व्यक्ति गायब हो गया था। इस प्रकरण के संबंध में गोविंद राजपूत पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर मानसिंह पटेल का अपहरण किया। नायक ने आरोप लगाया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईटी गठित किए जाने के बाद, राजपूत ने फर्जी एफिडेविट तैयार कर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया।
नायक ने कहा कि, मानसिंह पटेल को गायब हुए 9 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चला। उन्होंने यह भी सवाल किया कि गोविंद सिंह राजपूत ने फर्जी एफिडेविट कहां से प्राप्त किया, और क्या मानसिंह पटेल अब भी जिंदा हैं या नहीं, इस पर भी जांच होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार के आरोप और कांग्रेस की मांग
नायक ने गोविंद सिंह राजपूत और उनके द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार का विस्तार से खुलासा करने की बात की। उनका कहना था कि राजपूत द्वारा बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं, और उन्होंने जमीनों में हेरफेर किया। नायक ने वादा किया कि वे जल्द ही इस बारे में विस्तृत विवरण के साथ खुलासा करेंगे, जिससे यह सामने आएगा कि कैसे मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और राजपूत जैसे नेताओं को संरक्षण मिल रहा है।
कांग्रेस की तरफ से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए नायक ने यह कहा कि, यदि यह जांच पूरी तरह से पारदर्शी नहीं होती है तो प्रदेश के आम लोगों में विश्वास की कमी हो सकती है।
कांग्रेस की भूमिका और निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस पार्टी ने पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि राजपूत और भूपेन्द्र सिंह जैसे मंत्रियों के खिलाफ जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार ने जानबूझकर सौरभ शर्मा जैसे मामलों को रफा दफा करने की कोशिश की है, जबकि वह इन नेताओं के संरक्षण में काम कर रहे थे।
कुल मिलाकर, कांग्रेस के आरोपों का फोकस इस बात पर है कि विधानसभा स्तर पर मंत्रीगण और उनके करीबी लोगों पर आरोपों को नकारा नहीं किया जा सकता है। इन आरोपों के प्रति किसी भी प्रकार की निष्पक्ष जांच का होना बहुत जरूरी है, ताकि प्रदेश में भ्रष्टाचार और भ्रष्ट नेताओं का सही तरीके से पर्दाफाश हो सके।












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