Rajgarh : ये है शिक्षा का असली मंदिर, गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे सीख रहे वेद-पुराण
राजगढ़, 1 मई। गर्मियों की छुट्टियों में दादी-नानी के घर जाते हैं या कहीं घूमने का जाने का प्लान बनाते हैं, मगर इस मामले में मध्य प्रदेश के राजगढ़ में दिल का सुकून देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहां आस्था का केंद्र मंदिर गर्मियों के अवकाश में बच्चों के लिए पाठशाला बन गया है। यहां पर पंडित बच्चों को नैतिक शिक्षा के साथ-साथ धर्म और संस्कृति का पाठ पढ़ा रहे हैं।

सत्यनारायण मंदिर राजगढ़
दरअसल, राजगढ़ के भगवान सत्यनारायण के बड़े मंदिर में साप्ताहिक निशुल्क पाठशाला पंडित हेमेन्द्र त्रिपाठी की देखरेख में चल रही है। पंडित हेमेन्द्र त्रिपाठी का कहना है कि धर्म और नैतिकता का पाठ ही राष्ट्र के लिए अच्छे नागरिक तैयार करता है। समाज को सही दिशा मिलती है। इससे बच्चे मोबाइल गेम और एडिक्शन से भी दूर हो सकेंगे। साथ ही अपने इतिहास, धर्म और सनातनी परमपरा को जान सकेंगे।

प्रति रविवार लगती है पाठशाला
यह पाठशाला प्रति रविवार मंदिर परिसर में सुबह 10 से 11 बजे लगती है, जिसमें 5 वर्ष से 15 वर्ष तक के हिन्दू बच्चों को पढ़ने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके पहले मंदिर में आने वाले भक्तों से चर्चा की गई थी। इसके बाद अधिक संख्या में बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सके ऐसी व्यवस्थाएं की गई।

धर्म की पाठशाला
इस पाठशाला में बच्चों को धर्म ग्रंथों और उनके पात्रों उनके जीवन से सीख लेने के साथ दैनिक पाठ पूजा के दौरान श्लोक का अभ्यास, नैतिकता, धर्म और संस्कृति को अपने जीवन में आत्मसात करने और अच्छे नागरिक बनने की शिक्षा पर बल दिया जा रहा है।
वहीं, इसके बाद हनुमान मंदिर में भी पंडित दीपक जोशी अब इन नौनिहालों में धर्म की अलख जगाते दिखाई दे रहे हैं। यहां बच्चों को वेद पुराणों और मंत्रों का उच्चारण करते हुए आधुनिकता से अपनी संस्कृति की और लौटने प्रयास किया जा रहा है।












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