Panna Tiger Reserve: टाइगर को करंट लगाकर शिकार करने वाले 5 शिकारी गिरफ्तार, जेल भेजा
छतरपुर वन विभाग के अंतर्गत आने वाले किशनगढ़ इलाके की बसुधा बीट में बीते 4 जनवरी को 2 साल के युवा बाघ का शिकार करने वालों को आखिरकार पन्ना टाइगर रिजर्व और वन विभाग की टीम ने पकड़ ही लिया है।

Panna Tiger Reserve: किशनगढ़ क्षेत्र के जंगल की बसुधा बीट में बीते 4 जनवरी को नर बाघ और एक हायना की मौत करंट से हुई थी। इसमें शिकारियों ने बिजली लाइन से अवैध रूप से तार डालकर टाइगर का शिकार किया था। बीते रोज टाइगर रिजर्व व छतरपुर वन विभाग की टीम ने बाघ व हायना के शिकार में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई हैं। इनके 3 अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।

टाइगर रिजर्व के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी अनुसार पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत किशनगढ़ परिक्षेत्र के अंतर्गत बसुधा बीट के कक्ष क्रमांक 521 में जीआई तार में करण्ट फैलाकर 02 वर्षीय युवा बाा एवं मादा हायना (लकड़बगा) के शिकार की घटना के मामले में शिकारियों की तलाश कर रही पन्ना टाइगर रिजर्व टीम द्वारा 05 आरोपियों को गिरतार करने में सफलता प्राप्त हुई है। पकड़े गए सभी 05 आरोपी स्थानीय बसुधा गांंव के ही निवासी है। आरोपियों द्वारा शिकार करने के लिए टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र बसुधा बीट के जंगल से गुजरी 11 हजार केव्हीए विद्युत लाइन में कटिया डालकर जीआई तार में 200 मीटर से अधिक लंबाई क्षेत्र तक तार में करंट फैलाया गया था। जिसकी चपेट में आए 02 वर्षीय युवा टाइगर तथा एक मादा हायना की मौत हो गई।
बाघ के इन शिकारियों पर कसा शिंकजा
बाघ एवं मादा हायना के शिकार में जिन 5 आरोपियों की गिरतारी हुई है, उनमेंं मुकेश पिता मिहीलाल यादव, देवेन्द्र सिंह बुंदेला पिता जंगल राजा बुंदेला, सतपाल आदिवासी पिता बिन्दा आदिवासी, राुबीर आदिवासी पिता नोने लाल उर्फ नन्नू आदिवासी एवं राम लाल उर्फ छिंगा पिता लछुआ आदिवासी सभी निवासी ग्राम बसुधा शामिल है। पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेटर बृजेन्द्र झा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के शिकारियों को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई थी, जिसने 5 शिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनको छतरपुर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से इन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जिस बीट में हुई घटना वहां नियमित बीट गार्ड भी नहीं है
पन्ना टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणियों को सुरक्षा को लेकर प्रबंध काफी कमजोर हो चुके हैं। टाइगर रिजर्व में सुरक्षा की ज्मिेदारी संभालने वाले बीट गार्ड सहित अन्य वन्य कर्मचारियों की काफी संख्या में पद खाली पड़े हैं। जिससे पन्ना टाइगर रिजर्व की कई बीटें खाली पडी हुई है। किशनगढ परिक्षेत्र के बसुधा बीट में भी नियमित रूप से बीट गार्ड की पदस्थापना नहीं हैं। पता चला है कि दूसरे क्षेत्र के बीट गार्ड को इस बीच की अतिरिक्त ज्मिेदारी दी गई है।












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