MP News: कूनो में गूंजी किलकारी, चीता वीरा ने दो शावकों को दिया जन्म, CM मोहन यादव ने दी जानकारी
Kuno Cheetah News: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में मंगलवार को एक नई खुशखबरी सुनने को मिली। मादा चीता वीरा ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है, जिसके बाद कूनो में चीतों की संख्या 26 हो गई है।
इसमें 14 शावक और 12 वयस्क चीते शामिल हैं। यह कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि का संकेत है और इस सफलता को मध्य प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

ओपन एरिया में छोड़े जाएंगे कुछ चीते
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस सफलता का स्वागत करते हुए कहा कि दो नए मेहमानों के आगमन के बाद अब यहां रह रहे दो अन्य चीतों को ओपन एरिया में छोड़ने की तैयारी है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सब कुछ ठीक रहा तो आज बुधवार को कुछ चीतों को खुले क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वे अपनी प्राकृतिक जीवनशैली के अनुरूप स्वतंत्र रूप से घूम सकें। इस प्रक्रिया में मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं शामिल होंगे और चीतों को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.10 बजे ग्वालियर होते हुए कूनो पहुंचेंगे।
चीतों के भारत में आगमन का इतिहास
यह उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से भारत के कूनो नेशनल पार्क में 8 चीते लाए गए थे। इसके बाद, 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए थे। हालांकि, इस दौरान 8 चीतों की दुर्भाग्यवश मौत हो चुकी है, लेकिन खुशी की बात यह है कि 23 शावकों ने जन्म लिया, जिनमें से 7 शावकों की भी मौत हो गई। इसके बावजूद, कूनो में चीता संख्या में वृद्धि और शावकों का जन्म दर्शाता है कि यह परियोजना धीरे-धीरे सफल हो रही है।
सीएम की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस खुशी के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दोनों शावकों की तस्वीरें साझा की। उन्होंने लिखा, "नन्हे चीतों की किलकारी से फिर गूंजा कूनो। मध्यप्रदेश की 'जंगल बुक' में 2 चीता शावकों की दस्तक।" मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए आगे लिखा, "मुझे यह जानकारी साझा करते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।"
कूनो में चीता संरक्षण का महत्व
कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसमें विभिन्न अफ्रीकी देशों से चीतों को लाकर उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल चीतों की संख्या में वृद्धि करना है, बल्कि देश में बाघों के साथ-साथ अन्य वन्यजीवों की प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद करना है।
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव का बयान: कूनो में नए चीता शावकों का स्वागत
कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता वीरा द्वारा दो नन्हे शावकों के जन्म के बाद इस खुशी को केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी साझा किया। उन्होंने X पर एक पोस्ट के जरिए इस विशेष क्षण को प्रसारित किया और कहा, "बसंत ऋतु की शुरुआत के साथ कूनो की हवा में अंतहीन खुशी और उत्साह भर जाता है। हम कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दो नए चीता शावकों के आगमन का स्वागत करते हैं।"
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "दक्षिण अफ्रीका के त्वालू कालाहारी रिजर्व से लाई गई मादा चीता वीरा (5) ने आज दो शावकों को जन्म दिया है।"
यह घटना न केवल कूनो नेशनल पार्क, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि यह दर्शाता है कि भारत में चीता संरक्षण के प्रयास सफल हो रहे हैं और चीतों की संख्या बढ़ने से यहां के पारिस्थितिकी तंत्र को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित किया जाएगा।












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