MP में 'गांधी सागर' बनने जा रहा 'चीतों' का नया घर, दिसंबर में आएंगे 10 चीते
Cheetah Project: देश में मध्य प्रदेश चीतों का स्थाई घर बनने वाला है। कूनो नेशनल पार्क के बाद अब मंदसौर जिले का गांधी सागर वन्य प्राणी अभयारण्य बनने जा रहा है। यहां दिसंबर तक दक्षिण अफ्रीका से 10 चीते आने वाले हैं। चीतों की नई खेप को अब कूनो नहीं ले जाएंगे। गांधी सागर बांध में चीतों के लिए तार फेंसिंग लगाने का तेजी से काम चल रहा है।

चीता प्रोजेक्ट के तहत मप्र में अब कूनो में चीतों को नहीं भेजा जाएगा। दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका से 10 चीतों को लाया जाना है, लेकिन यह चीते अब कूनो के बजाय सीधे मंदसौर-नीमच जिले के गांधी सागर वन्य प्राणी अभयारण्य में भेजा जाएगा। यहां कई महीनो से जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और वन विभाग के सूत्रों के अनुसार करीब 17 करोड़ रुपए से तार फेंसिंग लगाने और बाड़ा तैयार करने का काम चल रहा है। लगभग ऐसी ही फेंसिंग का प्रोजेक्ट सागर के नौरादेही अभयारण्य में भी चल रहा है, हालांकि यहां पहले दौर में टाइगर प्रोजेक्ट के तहत 15 टाइगर मौजूद हैं, इस कारण इसे चीतों के लिए आॅप्शन के तौर पर रखा गया है।
कूनो से पहले चीता सफारी भी शुरू हो सकेगी
कूनो नेशनल पार्क में चीतों को आए 10 महीने पूरे हो चुके हैं। 16-17 सितंबर 2023 को एक साल पूरा हो जाएगा। यहां चीता सफारी प्रारंभ होना फिलहाल तक संभव नजर नहीं आ रहा है। जबकि गांधी सागर अभयारण्य में चीता सफारी कूनो से पहले प्रांरभ करने की तैयारी है। सबसे अच्छी बात है कि गांधी सागर वन्य प्राणी अभयारण्य में चीतल सहित हिरण प्रजाति के भरपूर शाकाहारी जानवर मौजूद हैं, इस कारण चीतों को भोजन की दिक्कत भी नहीं होगी।












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