Sagar: राष्ट्रपति चुनाव के बाद बदले प्रशासन के सुर, अब वनभूमि छोड़ने कर रहे मनुहार
सागर, 3 अगस्त। राष्ट्रपति चुनाव के बाद आदिवासियों के प्रति प्रशासन का रवैया और सोच दोनों बदली-बदली नजर आ रही है। अब प्रशासन वन भूमि के गांवों में जमीन के लिए उन पर बुल्डोजर लेकर नहीं, चौपाल लगाकर गुजारिश करने लगा है। सागर में ऐसा ही नजारा दिखा, जब ठेठ आदिवासी इलाके में प्रशासन आदिवासियों के द्वार पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुलझा रही हैं और उनसे वन भूमि छोडने की गुजारिश करती नजर आ रही हैं।

जिला प्रशासन की टीम सुरखी तहसील के अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य गांव नारायणपुर पहुंची। यहां पर आदिवासियों द्वारा वन भूमि पर कब्जा किए जाने व समुदाय को सरकार की अधिकांश योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही थीं। कलेक्टर दीपक आर्य के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी सपना त्रिपाठी तहसीलदार रोहित वर्मा एसडीओ वन विभाग एसडीओ पुलिस रहली, नायब तहसीलदार दुर्गेश तिवारी नारायणपुर नारायण पहुंचे जहां उन्होंने आदिवासी समुदाय के बीच जाकर चौपाल लगाई और उनके द्वारा किए गए वन विभाग की भूमि पर कब्जे को लेकर समझाइश देते हुए स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने की गुजारिश करते हुए उनको सरकारी योजनाओं व अन्य व्यवस्थाएं करने की जानकारी दी। कलेक्टर के सामने टास्क फोर्स समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक तरुण नायक एवं डीएफओ के समक्ष यह शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद राजस्व विभाग, वन विभाग एवं पुलिस विभाग की टीम मौके पर जाकर आदिवासियों को समझाइश दी एवं कब्जा छोड़ने के लिए गुजारिश करते व समझाइश देते दिखे।

आदिवासियों की समस्याएं निपटाने, सुविधाएं दिलाने निर्देश दिए
एसडीएम सपना त्रिपाठी ने बताया कि आदिवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनीष चतुर्वेदी को निर्देशित किया गया है कि आदिवासियों की संबंधित समस्याओं का निराकरण तत्काल करें। उन्होंने बताया कि आदिवासियों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान किया जाएगा एवं उनकी बीपीएल कार्ड आयुष्मान कार्ड सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।












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