MP News: शाजापुर के राम मंदिर में नमाज पढ़ने पर तीन भाइयों के खिलाफ FIR, मामले में पुजारी का चौंकाने वाला बयान
MP News: शाजापुर जिले के गुलाना अंतर्गत एक राम मंदिर में तीन भाइयों द्वारा नमाज पढ़ने के मामले ने धार्मिक विवाद पैदा कर दिया है। यह घटना सलसलाई थाना क्षेत्र के किलोदा गांव में हुई, जहां तीनों भाइयों ने कथित तौर पर मंदिर के परिसर में प्रवेश कर नमाज अदा की।
मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम लगभग 5:45 बजे बाबू खां (70), रुस्तम खां (65) और अकबर खां (85) नामक तीन भाइयों ने मंदिर में प्रवेश किया। उन्होंने पहले मंदिर के दरवाजे पर रखे मटके के पानी से हाथ-पैर धोए और फिर परिसर में बैठकर नमाज पढ़ने लगे। पुजारी ने उन्हें रोका, लेकिन वे नहीं माने, जिससे मंदिर परिसर में तनाव उत्पन्न हो गया।

पुलिस कार्रवाई
पुजारी की शिकायत पर सलसलाई थाना प्रभारी जनक सिंह रावत ने कहा, "बाबू खां, रुस्तम खां और अकबर खां के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।" पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक संवेदनाएं
यह घटना न केवल स्थानीय समुदाय में धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर रही है, बल्कि इसके पीछे की राजनीति और सामाजिक समरसता पर भी प्रश्न खड़े कर रही है। ऐसे मामलों में अक्सर धार्मिक पहचान और स्थानीय संस्कृति के बीच टकराव की स्थिति बनती है, जिससे तनाव उत्पन्न हो सकता है।
तीन भाइयों की गलती मानी लेकिन थाने में केस दर्ज
शाजापुर जिले के किलोदा गांव में स्थित श्री राम मंदिर में तीन भाइयों द्वारा नमाज पढ़ने के मामले में नया मोड़ आया है। थाने में पहुंचकर उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। थाना प्रभारी जनक सिंह रावत ने बताया कि मंदिर के पुजारी और अन्य ग्रामीणों ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत की थी, जिसके आधार पर तीनों भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
घटना का विवरण
पुजारी ओमप्रकाश शर्मा ने पहले ही बताया था कि बाबू खां (70), रुस्तम खां (65) और अकबर खां (85) ने मंदिर के परिसर में नमाज अदा की थी। थाने में बुलाने पर तीनों भाइयों ने अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि वे यूनियन बैंक की किलोदा शाखा से निकलने के बाद नमाज पढ़ने के लिए रुके थे।
पुलिस की कार्रवाई
जनक सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि तीनों भाई लगभग 20 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे और पुजारी तथा अन्य ग्रामीणों के विरोध के बाद वहां से चले गए। फिलहाल, पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया है। चूंकि मामला सात साल से कम की सजा का है, इसलिए चालान पेश होने के दिन उन्हें कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।
इलाके में स्थिति
रावत ने कहा कि इलाके में तनाव की स्थिति नहीं है और न ही किसी तरह की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इस मामले का अब जमानत और ट्रायल का फैसला कोर्ट में होगा।












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