Budhni Upchunav Result: बीजेपी के भार्गव और कांग्रेस के पटेल में कड़ी टक्कर, कौन बनेगा नया विधायक
Budhni Upchunav Result 2024: मध्य प्रदेश की बुधनी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, और आज यह तय होगा कि इस सीट का नया विधायक बीजेपी का होगा या कांग्रेस का।
यह उपचुनाव बुधनी विधानसभा की तीसरी बार की रिक्तता के चलते हुआ है, जहां बीजेपी के रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली।

बुधनी विधानसभा उपचुनाव की मतगणना: 14-14 टेबल्स पर होगी गणना, 13 राउंड में संपन्न होगा कार्य
बुधनी विधानसभा उपचुनाव की मतगणना शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सीहोर में आयोजित की जाएगी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी दी कि विधानसभा क्षेत्र के 363 मतदान केंद्रों में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। अब मतगणना के लिए दो अलग-अलग कक्षों में 14-14 टेबल्स लगाई जाएंगी, जिससे मतगणना प्रक्रिया को तेजी से और पारदर्शिता से पूरा किया जा सके।
विशेष रूप से एक टेबल पोस्टल बैलेट्स की गिनती के लिए पृथक से लगाई जाएगी, ताकि डाक से भेजे गए मतों की सही गणना की जा सके। यह मतगणना कुल 13 राउंड में सम्पन्न होगी, जिसमें सभी मतदान केंद्रों से प्राप्त वोटों की गिनती की जाएगी।
बीजेपी का मजबूत गढ़
बुधनी विधानसभा सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। 2003 के बाद से बीजेपी लगातार यहां जीत हासिल करती रही है। वहीं, कांग्रेस को इस सीट पर आखिरी बार 1998 में जीत मिली थी। इस लंबी अवधि में बीजेपी ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है, और इस बार भी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी रमाकांत भार्गव को प्रचारित किया।
जातिगत समीकरण का प्रभाव
बुधनी सीट पर जातिगत समीकरण भी अहम भूमिका निभाते हैं। यहां पर किरार और ओबीसी मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने इस जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए अपने प्रत्याशियों का चयन किया था। बीजेपी ने रमाकांत भार्गव को मैदान में उतारते हुए पारंपरिक वोट बैंक को साधने का प्रयास किया, जबकि कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को टिकट दिया, जो स्थानीय मुद्दों और जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की रणनीति का हिस्सा थे।
अर्जुन आर्य की नाराजगी और समाजवादी पार्टी का दांव
कांग्रेस में शामिल रहे अर्जुन आर्य टिकट न मिलने से नाराज हो गए थे और उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया। उनकी नाराजगी ने कांग्रेस को एक और चुनौती दी, क्योंकि यह देखा जा रहा था कि उनका समर्थन बीजेपी और कांग्रेस के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता था।
मुकाबला कड़ा
बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इस सीट को जीतने के लिए पूरी तरह से मैदान में उतरी थीं। जहाँ बीजेपी ने अपनी पारंपरिक ताकत और कार्यकर्ताओं के नेटवर्क का सहारा लिया, वहीं कांग्रेस ने बदलाव की उम्मीदों और स्थानीय मुद्दों को लेकर अपने अभियान को तेज किया। यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट के लिए नहीं, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों में दोनों प्रमुख दलों के राजनीतिक भविष्य के लिए भी अहम माना जा रहा है।
आज, इस उपचुनाव के परिणाम से यह स्पष्ट हो जाएगा कि बीजेपी अपनी पकड़ को बनाए रखती है, या कांग्रेस एक बार फिर से इस महत्वपूर्ण सीट को जीतने में सफल होगी।
बुधनी विधानसभा उपचुनाव: 77.32 प्रतिशत मतदान, नतीजे जल्द ही आएंगे
बुधनी विधानसभा उपचुनाव में 77.32 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय मतदाताओं ने अपने मताधिकार का भरपूर उपयोग किया। इस उपचुनाव का परिणाम सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह तय करेगा कि आने वाली सरकार में किस पार्टी का दबदबा रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, बुधनी सीट के परिणाम सबसे पहले आने की संभावना है। प्रत्येक मतगणना राउंड के बाद, प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, और धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट होती जाएगी। मतगणना प्रक्रिया के दौरान, जो परिणाम मिलेंगे, उनसे यह तय होगा कि कौन सा प्रत्याशी विजयी रहेगा और किस पार्टी का शासन होगा।
बुधनी सीट का ऐतिहासिक
बुधनी विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। अब तक इस सीट पर कुल 16 चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से पांच बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है, जबकि सात बार बीजेपी ने इस सीट पर विजय प्राप्त की है। इसके अलावा, एक बार भारतीय संघ और दो बार स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की है।
इसके साथ ही, बुधनी में दो उपचुनाव भी हो चुके हैं - 1992 और 2003 में। अब 2023 में तीसरा उपचुनाव हुआ है, जो इस सीट के चुनावी इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा। इस उपचुनाव के नतीजे पार्टी और प्रत्याशी दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।












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