मप्र भाजपा में अब रूठे के.के., बोले- 40 साल से सेवा कर रहा हूं, बस कमी ये थी कि मेरे पास टिकट के लिए लक्ष्मी नहीं थी
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश में सत्तासीन दल भाजपा के निवर्तमान विधायक केके श्रीवास्तव ने पार्टी में ही कुछ नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अपना टिकट किसी अन्य नेता को दिए जाने पर उच्चाधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने यहां तक कह दिए कि टिकट बेचे जा रहे हैं। सौदा हुआ है करोड़ों का।

उन्होंने ये भी कि कहा कि अगर उन्हें पार्टी के कार्यकर्ताओं का साथ मिला तो वे बीजेपी को किसी की व्यक्ति विशेष की नहीं बनने देंगे। पार्टी के लिए, संघ में रहकर मैंने 40 साल सेवा की है। बस मेरे पास कमी ये है कि टिकट के लिए लक्ष्मी नहीं थी।'' उनका यह बयान राज्यसभा सांसद प्रभात झा को लेकर आया, जिन पर के.के. ने रुपयों के सहारे टिकट वितरण का आरोप लगाया है।

संवाद सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी से की टिकट वितरण के बाद टीकमगढ़ जिले में पार्टी के लोग बगावत पर उतर आए हैं। केके श्रीवास्तव उन्हीं लोगों में से एक हैं। के. के. यहां से निवर्तमान हैं, उनका टिकट काटकर के पार्टी ने पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गिरी गोस्वामी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
राकेश गिरी के घोषित होते ही के. के. ने शनिवार को अपने निवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि हम लोग भी आरएसएस से हैं और पार्टी को हम लोगों ने सींचा है। हम इस पार्टी को किसी एक व्यक्ति या परिवार की रखैल नहीं बनने देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि ऐसा ही हुआ तो पार्टी को इसका परिणाम 11 दिसंबर के दिन पता चल जाएगा।
रुपए लेकर के टिकट बेचे
टिकट बदले जाने पर के. के. श्रीवास्तव ने आरोप लगाए कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने रुपए लेकर टिकट बेचे हैं। के. के. ने उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह के टिकट पर भी सवाल खड़ा किया और साथ ही कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ताओं ने मेरा समर्थन किया तो पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लडूंगा।












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