हेमंत खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से की मुलाकात, क्या संगठनात्मक में सर्मथकों को मिलेगी जगह, जानिए
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से नई दिल्ली में उनके निवास पर एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह मुलाकात 12 जुलाई 2025 को हुई, जिसमें संगठनात्मक मजबूती, पार्टी की आगामी रणनीति, और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
इस मुलाकात ने यह संकेत दिया कि मध्य प्रदेश में BJP संगठन को नई ऊर्जा और दिशा देने के लिए केंद्रीय और राज्य नेतृत्व एकजुट होकर काम कर रहा है। इस मुलाकात में यह सवाल भी उठा कि क्या सिंधिया के समर्थकों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी? वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट

मुलाकात का मकसद: संगठन को मजबूत करने की रणनीति
हेमंत खंडेलवाल, जो बैतूल से विधायक और कुशाभाऊ ठाकरे विचार न्यास के अध्यक्ष हैं, को 1 जुलाई 2025 को मध्य प्रदेश BJP का प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया था। उनकी यह मुलाकात ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ पहली औपचारिक भेंट थी, जो केंद्रीय मंत्री होने के साथ-साथ मध्य प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता हैं।
लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई:
- संगठन की मजबूती: बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और मनोबल बढ़ाने की रणनीति।
- आगामी लक्ष्य: 2029 लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना।
- युवा, महिला, और आदिवासी भागीदारी: नीति-निर्माण में इन वर्गों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना।
- संगठन और सरकार में तालमेल: मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार और पार्टी संगठन के बीच बेहतर समन्वय।
सिंधिया के समर्थकों को संगठन में जगह?
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो 2020 में कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुए थे, मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी अगुवाई में 22 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी थी, जिसके परिणामस्वरूप कमलनाथ सरकार गिर गई थी, और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में BJP सरकार बनी थी। इस मुलाकात में यह चर्चा प्रमुख रही कि क्या सिंधिया के समर्थकों को मध्य प्रदेश BJP संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
सूत्रों के अनुसार, खंडेलवाल और सिंधिया ने संगठनात्मक ढांचे में समावेशिता पर जोर दिया। सिंधिया के समर्थक, जो 2020 के बाद से सरकार और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं, अब नई कार्यकारिणी में भी जगह पाने की उम्मीद कर रहे हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र, जहां सिंधिया का प्रभाव है, में उनके समर्थकों को जिला और मंडल स्तर पर जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

राजनीतिक विश्लेषक डॉ रमेश ठाकुर ने कहा, "सिंधिया का प्रभाव मध्य प्रदेश में खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अहम है। खंडेलवाल की यह मुलाकात यह संकेत देती है कि BJP संगठन में संतुलन बनाए रखने के लिए सिंधिया के समर्थकों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।"
खंडेलवाल का नेतृत्व और चुनौतियां
हेमंत खंडेलवाल, जो बैतूल से दो बार के विधायक और पूर्व सांसद हैं, को मुख्यमंत्री मोहन यादव और RSS का समर्थन प्राप्त है। उनकी नियुक्ति को मोहन यादव के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा है। हालांकि, कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा जैसे वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति उनके नामांकन के दौरान चर्चा का विषय रही थी, जो संगठन में आंतरिक गुटबाजी की ओर इशारा करता है।
खंडेलवाल के सामने कई चुनौतियां हैं:
- आंतरिक एकता: विभिन्न गुटों को एकजुट रखना और सभी नेताओं को विश्वास में लेना।
- संगठनात्मक विस्तार: बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना।
- चुनावी रणनीति: 2029 लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना।
- सामाजिक समावेशिता: आदिवासी, महिला, और युवा कार्यकर्ताओं को संगठन में प्रमुखता देना।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खंडेलवाल की नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए कहा, "BJP सरकार पिछले 17-18 महीनों में पूरी तरह भ्रष्ट साबित हुई है। मुझे उम्मीद है कि हेमंत खंडेलवाल सरकार में सख्ती लाएंगे ताकि मध्य प्रदेश की जनता को राहत मिले।"
मध्य प्रदेश में मौजूदा संकट और BJP की रणनीति
मध्य प्रदेश में मानसून की चुनौतियों ने BJP सरकार और संगठन के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रीवा में बाढ़ जैसे हालात, भोपाल में 216 करोड़ रुपये के PWD प्लान की विफलता, और कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता नाभा की मृत्यु ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। रायसेन, टीकमगढ़, और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी ने स्थिति को और जटिल कर दिया है।
सिंधिया, जो ग्वालियर से लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री हैं, मध्य प्रदेश में BJP की छवि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनकी यह मुलाकात खंडेलवाल के साथ 2029 लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एक रणनीतिक कदम मानी जा रही है।
भविष्य की रणनीति और संभावनाएं
इस मुलाकात ने यह स्पष्ट किया कि BJP मध्य प्रदेश में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है। खंडेलवाल का अनुभव और सिंधिया का प्रभाव संगठन को नई दिशा दे सकता है। संगठनात्मक ढांचे में सिंधिया के समर्थकों को शामिल करने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पार्टी का आधार और मजबूत हो सकता है।












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