बैतूल कोयला खदान हादसा, कलेक्टर ने आर्थिक मदद के दिए निर्देश, हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत
MP News: बैतूल जिले के पाथाखेड़ा क्षेत्र में स्थित वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (WCL) की छतरपुर-1 खदान में गुरुवार दोपहर दर्दनाक हादसा हुआ। कोयला खदान में छत गिरने से तीन कर्मचारियों की दबकर मौत हो गई।
हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जब कर्मचारी कंट्यूनर माइनर सेक्शन में काम कर रहे थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

प्रशासन की तत्परता और आर्थिक मदद के निर्देश
जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक निश्चल झारिया भी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के आदेश जारी किए।
कलेक्टर ने WCL के जीएम को निर्देश दिए कि मृतकों के परिजनों को लाइफ कवर स्कीम के तहत डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल दी जाए। साथ ही एक्स-ग्रेशिया, ग्रेच्युटी, कंपनसेशन और पीएफ तथा लाइफ एनकैशमेंट की राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए हैं।
हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत
इस दुर्घटना में तीन कर्मचारियों की जान चली गई। तीनों के शवों को खदान से बाहर निकालकर घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां शुक्रवार सुबह उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।
मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
- गोविंद कोसरिया (उम्र 37 वर्ष) - शिफ्ट इंचार्ज
- रामप्रसाद चौहान (उम्र 46 वर्ष) - माइनिंग सरदार
- रामदेव पंडोले (उम्र 49 वर्ष) - ओवरमैन
कैसे हुआ हादसा?
हादसा उस समय हुआ जब छतरपुर वन खदान में कंट्यूनर माइनर मशीन से कोयला काटने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान खदान की करीब 10 मीटर ऊंची छत अचानक गिर गई। इस सेक्शन में ऑस्ट्रेलियाई मशीन का उपयोग किया जा रहा था, जिसे कोलकाता की कंपनी जॉय माइनिंग सर्विस द्वारा संचालित किया जा रहा था।












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