अद्भुत: एक जिलेहरी पर विराजे 108 शिवलिंग, एक लोटा जल से 108 शिवलिंग की होती है पूजा
सागर, 20 जुलाई। भगवान भोलेनाथ देश-दुनिया में अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न स्वरुपों में विराजमान हैं, बुंदेलखंड के राहतगढ में बीना नदी किनारे स्थित बनेनीघाट पर देश के अनूठे और इकलौते शिव दिव्य स्वरुप में विराजे हैं। करीब 900 साल पुराने राजवंश के समय निर्मित मंदिर में 01 शिवलिंग पर 108 शिवलिंग स्थापित हैं। यहां एक लोटा जल अर्पित करने से 108 शिवलिंग की पूजा-आराधना का फल मिलता है।

एक शिला पर निर्मित 108 शिविलिंग हैं
सागर मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर भोपाल मार्ग पर स्थित राहतगढ में बीना नदी के किनारे भगवान शिव का यह मंदिर ईशान कोण में बना हुआ है, पूर्णता एक पत्थर पर निर्मित है। यह मंदिर पूरी तरह से वास्तु शास्त्र को ध्यान में रखकर बनाया गया है। मंदिर में भगवान महादेव के शिवलिंग के अतिरिक्त यहां भगवान भोलेनाथ और पार्वती की अति प्राचीन प्रतिमा भी विराजित है। इसके साथ ही अन्य पाषाण की मूर्तियां भी यहां विद्यमान है, जो अति दुर्लभ और अति प्राचीन है।

दसों दिशाओं में नवग्रह स्थापित, वास्तु कला का बेजोड़ नमूना
बनेनीघाट पर स्थित यह प्राचीन शिवालय करीब 900 साल पुराना है। इस मंदिर की विशेषता यह है
कि सूर्य की पहली किरण शिवलिंग पर पड़ती है, दसों दिशाओं एवं नवग्रह को स्थापित कर वास्तु कला का बेजोड़ नमूना है।

नागपंचमी पर पूजन करने सर्प आते थे
बनेनी घाट पर बने शिव मंदिर को लेकर यहां के बुजुर्ग व मंदिर से जुडे श्रद्धालु बताते हैं कि नाग पंचमी के दिन यहां नदी की तरफ से नाग आकर शिविलिंग पर काफी देर बैठे रहते हैं। पुराने लोगों ने उनको देखा भी है। फिलहाल काफी समय से यहां सांप नहीं दिखे, लेकिन कहा जाता है कि भीड बढने से पहले सुबह 4 से 5 बजे सर्प आकर पूजन करके जाते हैं।

प्रवेश द्वार से ही मंदिर की दिव्यता महसूस होती है
मंदिर के मुख्य दरवाजे के ऊपर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित है ठीक उसके ऊपर मोर सर्प को मुंह में दबाए हुए हैं। मंदिर की देहरी पर कीर्ति मुख है जो मंदिरों में कम पाए जाते हैं। मुख्य दरवाजे के ठीक सामने नंदी महाराज बैठे हैं। श्रावण महीने एवं महाशिवरात्रि एवं नागपंचमी पर दूर-दराज से श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन कर अभिषेक करने आते हैं, जो भी भगवान शिव की पूजा अर्चना कर सच्चे मन से अभिषेक करता है, भगवान शिव उनकी सभी मनोरथ पूरी करते है।

राजा ज्वालासिंह ने मंदिर का निर्माण कराया था
राजा ज्वालासिंह ने मंदिर का निर्माण कराया था
राहतगढ शहर का इतिहास और यहां पहाडी पर स्थित किले को राजा ज्वालासिंह से जोडकर बताया जाता है। बनेनी घाट के प्राचीन मंदिर और एक शिला पर बने 108 शिवलिंग की स्थापना को लेकर इतिहासकार बताते हैं कि राजा ज्वालासिंह ने मंदिर का निर्माण कराया था, उन्हीं ने अद्भुत शिवलिंग की स्थापना कराई थी।












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