Ram Mandir: एमपी के वो बाबा, जो 10 साल की उम्र के बाद नहीं बोले! 22 जनवरी को पूरा होगा संकल्प

Ayodhya Ram Mandir Inauguration: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बन रहे राममंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। ऐसे में 500 वर्षों का सपना पूरा होने जा रहा है। इसके लिए कई संतों और हिंदू धर्म के लोगों ने संकल्प भी लिया था। मध्य प्रदेश के एक ऐसे ही बाबा हैं, जिन्होंने पिछले एक दशक एक व्रत जारी रखा, जिसका वे 22 जनवरी को समापन करने जा रहे हैं।

प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने की इच्छा
अयोध्या में हो रहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होना मौनी बाबा का सपना है। ऐसे में उन्होंने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने राम मंदिर के बारे में किए गए अपने प्रयासों का जिक्र किया है। मौनी बाबा ने राम मंदिर के लिए किए गए उनके संघर्षों को श्री जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के संज्ञान में लाने और राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में शामिल होने की इच्छा जताई है।

Moni Baba chant Lord Ram name

ट्रस्ट के आमंत्रण का पता लगाने जाते हैं कलेक्ट्रेट
मध्य प्रदेश के मौनी बाबा मूल रूप से सूर्य नगर पुलाव बालाजी के रहने वाले हैं। लेकिन अब वे दतिया के मंदिरों में रहते हैं। मौनी बाबा पहले मोहन गोपाल दास के नाम से जाने जाते थे। जब वे 10 वर्ष के थे तभी से बोलना बंद कर दिया। केवल इशारे और लिखकर ही वे अपनी बात रखते हैं। दरअसल, मौनी बाबा अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा हटाने वाले कार्य सेवकों के साथ मैदान में थे। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि राम मंदिर ट्रस्ट ने उन्हें जरूर निमंत्रण भेजा होगा। इसी आशा में वे प्रतिदिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय जाते हैं।

10 साल की उम्र से मौन व्रत
मौनी बाबा सभी सवालों के जवाब स्लेट पर लिखकर बताते हैं। उनकी उम्र जब 10 साल थी तभी से उन्होंने मौन व्रत धारन का संकल्प लिया था। राम मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ वर्षों से वे नंगे पैर चलते हैं। उन्होंने मौन व्रत के साथ रामलला की स्थापना तक चप्पल नहीं पहनने का संकल्प लिया है। 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही उनका ये व्रत पूरा हो जाएगा।

22 जनरी को मौनी बाबा का संकल्प होगा पूरा
मंदिर के गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों वैदिक रीति से 5 वर्ष बालक की मूर्ति के रूप में रामलला को विराजमान किया जाएगा। इसके साथ ही रामनगरी के गौरव की प्रतिष्ठा की पुनर्स्थापना हो जाएगी। दरअसल देश और देश से बाहर विदेशों में रह रहे करोडों सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था श्री राम जन्मभूमि से जुड़ी है। ऐसे में करोड़ो लोगों के लिए 22 जनवरी का दिन दिवाली जैसा होगा। इसके साथ ही मौनी बाबा अपने व्रत का समापन करेंगे।

3 दिन श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद
रामलला के नए भवन में प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में विधिवत दैनिक पूजा और दर्शन शुरू हो जाएगा। हालांकि प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान के दौरान तीन दिन लिए श्री राम जन्मभूमि में श्रद्धालुओं को प्रवेश बंद रहेगा। लेकिन अनुष्ठान पूरा होने के बाद श्रद्धालु नए मंदिर में रामलला को दर्शन कर पाएंगे।

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