एटीएस ने खंडवा में छापा मारकर दो नाबालिग को उठाया, सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे इस्लामिक स्टेट से जुड़े वीडियो
ATS raided Khandwa News: भोपाल एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने सुबह करीब 4 बजे छापा मारकर खंडवा की सलूजा और गुल्मोर कॉलोनी से दो नाबालिक लड़कों को उठाया। वही इंदौर आईजी अनुराग ने बताया कि इस रेड के बारे में उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
पिछले साल जनवरी में बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शहर के खानशाहवली इलाके से अब्दुल रकीब कुरैशी को पकड़ा था। रकीब के संपर्क सिमी और आईएसआईएस से थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम को ऐसी जानकारी मिली थी कि फैजान नामक व्यक्ति रकीब के संपर्क में था। नाबालिग फैजान को पकड़ा गया था क्योंकि वह भी उसके संपर्क में था। दोनों फैजान और नाबालिग मैकेनिक का काम करते थे।

फैजान के बारे में जानकारी के अनुसार, वह सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद से संबंधित वीडियो अपलोड करता था और अपने वीडियो में इस्लामिक स्टेट का जिक्र करता था। इस ऑपरेशन में लगभग 8 जवान शामिल थे, जिनमें से 4 लोग मिलिट्री ड्रेस और हथियार पहने हुए थे। इसके अलावा, 2 महिला जवान भी शामिल थी।
अब्दुल रकीब कुरैशी और उसका भाई रशीद पहले से सिमी संगठन से जुड़े हुए थे। उन्होंने दो मामलों में 7 साल की सजा काट चुकी थी। एक केस में वह जमानत पर बाहर थे, जबकि 2013-14 में उन्होंने जेल से रिहाई पाई थी और उसके बाद ऑटोमोबाइल व्यापार में शामिल हुए थे।
आईएसआईएस से जुड़े होने के मिले सबूत
रशीद सिमी के नेटवर्क का ध्वस्त होने के बाद, उनके आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने के सबूत मिले थे। उन्होंने सोशल मीडिया ग्रुप्स में आईएसआईएस के नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ था। 10 जनवरी 2023 को पश्चिम बंगाल की एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार किया था और उन्हें कोलकाता की जेल में रखा गया है।
खंडवा में 16 मई 2023 को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने रकीब के घर में सर्च की थी। इस सर्च ऑपरेशन में कोतवाली और मोघट पुलिस भी शामिल थी। रकीब के पहली मंजिल के कमरे में दो घंटे तक तलाशी की गई थी। रकीब इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल में अपने नेटवर्क को फैला रहा था। उसके पास मिले दस्तावेजों से पता चला कि वह किसी बड़ी हस्ती के काफिले पर हमले की साजिश रच रहा था।












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