MP Election 2023: विधानसभा चुनाव के लिए शाह का विनिंग फार्मूला तैयार, टिकट में नहीं चलेगा भाई-भतीजावाद
MP Election 2023: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विनिंग फार्मूला तैयार किया है। अमित शाह ने रविवार रात को इंदौर से दिल्ली रवाना होने से पहले इंदौर संभाग के चुनिंदा 4 सदस्यों व पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। प्रदेश की चुनावी कमान थामने के बाद अमित शाह ने साफ कहा कि एमपी के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण रिश्तेदारी, भाई-भतीजावाद के आधार पर नहीं किया जाएगा।
उन्होंने इंदौर संभाग के 9 जिलों के पार्टी के कोर सदस्यों से कहा कि चुनाव वातावरण या माहौल से नहीं जीते जाते बल्कि व्यू रचना और प्लानिंग के गणित के आधार पर जीते जाते हैं। इसलिए पार्टी ने 15 सूत्री अजीत का फार्मूला तय किया है इस पर 15 दिन में एक्शन लेना है जिसके बाद फिर नया प्लान तैयार किया जाएगा शाह ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पूरे चुनाव में केंद्रीय मंत्री दो द्वय व प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव व सहचुनाव प्रभारी अश्वनी वैष्णवी सभी भूमिकाओं में रहेंगे। इनका निर्देश पार्टी हाईकमान करने देश माना जाएगा।

पिछले चुनाव में कुछ बड़ी गलतियां जानबूझकर की गई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे तो इंदौर सिर्फ एजेंडे पर एक्शन के लिए आए थे। कार्यकर्ता सम्मेलन तो बहाना था। हमें जीत के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखनी है। पिछले चुनाव में हमने जो बड़ी गलती की थी। वह कुछ मामलों में जानबूझकर हुई थी। इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा शाह ने कहा कि चुनाव वातावरण बनने या माहौल बनने से नहीं जीते जाते इसके लिए व्यू रचना करनी होती है।
5 साल नहीं 50 साल के लिए है प्लान
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम 5 साल के लिए प्लान नहीं कर रहे बल्कि 50 साल तक राज करने के लिए यह प्लान तैयार कर रहे हैं। इसके लिए पार्टी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र को प्रमुख माना है। क्योंकि यह 6 राज्यों में से 3 में सबसे पहले चुनाव हो रहे हैं। इसलिए यहां हर हाल में चुनाव पार्टी की प्लानिंग के आधार पर कराए जाएंगे। केंद्रीय संगठन इसके लिए अलग-अलग प्लान जारी करेगा।
जिला संयोजक, जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष की होगी अहम भूमिका
अमीषा ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे चुनाव में पार्टी द्वारा घोषित किए गए जिला संयोजक जिला प्रभारी जिला अध्यक्ष की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होगी। इसलिए इनको ध्यान रखना है कि जो कार्यक्रम तय किए जाएं उस पर अमल कर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को शीघ्र का रिपोर्ट दें। शाह ने पार्टी नेताओं से कहा कि बीजेपी के चुनाव में बूथ ही सर्वोपरि है। इसलिए सारी क्रियाएं यहीं से चलेंगी। सभी पदाधिकारी विधानसभा के हर बूथ में पार्टी को पिछले चार चुनावों में मिले वोटों की समीक्षा करेंगे और उसे ए,बी,सी,डी कैटेगरी में कैटेगराइज करेंगे। जिन बूथों को पूर्व में डी कैटेगरी में रखा गया था, उस एसी में लाना है सी केटेगरी वाले को बी में और बी वाले को ए कैटेगरी में लाने के लिए काम करना है। जो बूथ ए कैटेगरी का है उसमें 10% वोट वृद्धि करना है जो ए प्लस कैटेगरी में आ जाएगा।












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