MP: 110 से ज्यादा जनपद सदस्य गायब! जीत के बाद से घर नहीं पहुंचे, बाड़ाबंदी में सुरक्षित या भूमिगत
सागर, 24 जुलाई। मप्र में पंचायत चुनाव के बाद अब जनपद अध्यक्ष के लिए जोड़तोड़ चल रही है। परिणाम सामने आने के बाद से संभाग के चार जिलों में सवा सौ से अधिक जनपद सदस्य गायब है! अध्यक्ष की लॉबिंग कर रहे नेताओं और पार्टियों ने इनकी बाड़ाबंदी करा दी है। इनके न फोन लग रहे, न इनसे संपर्क हो पा रहा है, हालांकि इनके घर वाले इत्मिनान से बैठे हैं। जानकारी अुनसार सागर, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ जिले में 183 में से सवा सौ सदस्य भूमिगत हैं।

सागर संभाग के चार जिले सागर, छतरपुर, दमोह और टीकमगढ़ में जनपद सदस्य गायब बताए जा रहे हैं। बीते 10-11 दिन से ये किसी के संपर्क में नहीं है। इनके मोबाइल नंबर भी बंद आ रहे हैं। हालांकि इनके परिजन इनके संपर्क में हैं। दरअसल जनपद अध्यक्ष चुनाव तक ये भूमिगत रहेंगे। चुनावों में अध्यक्ष की लॉबिंग करने वाले व बडे नेता इनकी बाड़ाबंदी करा चुके हैं। ये सदस्य अब सीधे अध्यक्ष की वोटिंग के दौरान ही एक साथ वोट डालने पहुंचेंगे।
चारों जिलों में 183 सदस्य, इनमें 125 भूमिगत
जानकारी अनुसार जिस दिन चुनाव परिणाम घोषित हुए थे, उसके कुछ समय बाद से ये सदस्य बडे राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चले गए और उसी दिन से भूमिगत हैं। ये घर नहीं पहुंचे। इन्हें राजनीतिक दलों ने फॉर्म हाउस और लग्जरी होटलों में सुरक्षित रखा है, ताकि दूसरे दल व विरोधी पक्ष के लोग इन पर दबाव न बना सकें। कुछ सदस्यों के निर्वाचन अधिकारी से मिले जीत के प्रमाण-पत्र लेमिनेशन कराने के नाम पर अपने पास रख लिए हैं।
इन जिलों के जनपद सदस्य भूमिगत
सागर जिले की दो जनपद जिनमें बीना और केसली शामिल हैं के 17 सदस्य गायब हैं। बीना जनपद में 12 सदस्य घरों पर नहीं हैं। इनमें अध्यक्ष पद की दो महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। केसली में 5 स्वतंत्र जनपद सदस्यों की बाड़ाबंदी की गई है। दमोह जिले में जबेरा जनपद में 5 सदस्य चुनाव जीतने के बाद भूमिगत हैं। इधर टीकमगढ़ जिले में 75 सदस्य में से 59 सदस्यों का अतापता नहीं है। बल्देवगढ़ में भी 18 जनपद सदस्यों को अज्ञात स्थान पर रखा गया है। इसी प्रकार छतरपुर की राजनगर जनपद के सदस्य प्रदेशाध्यक्ष से मिलने कटनी गए थे, उसके बाद से राजनीतिक दल के साथ ही बाडाबंदी में सुरक्षित हैं।












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